🔴मान्यता आठवीं तक, मनमानी 12वीं तक! रेनबो लोरिटो पर बीएसए का शिकंजा
🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। जिला मुख्यालय रवीन्द्रनगर स्थित रेनबो लोरिटो एकेडमी द्वारा अवैध तरीके से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षा संचालित किये जाने में मामले मे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अधिकारी ने कडी कार्रवाई करते हुए विद्यालय प्रबंधक दिनेश राय पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।आदेश में यह भी कहा गया है कि उल्लंघन किए जाने पर प्रत्येक दिन दस हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड लगाए जाने का भी प्रावधान है।
बीएसए अनिल कुमार सिंह के आदेश में दर्ज विवरण के मुताबिक, खंड शिक्षा अधिकारी पडरौना ने 3 अक्टूबर 2026 को रैन्वो लोरेटो एकेडमी का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान कक्षा नौ से बारह तक की कक्षाएं संचालित मिलीं, जबकि विद्यालय को सिर्फ कक्षा एक से आठ तक की मान्यता प्राप्त है। विभाग ने इन कक्षाओं को तत्काल बंद कराया और भविष्य मे इसकी पूर्नावृत्ति न होने की चेतावनी दी। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 12 अक्टूबर को दोबारा निरीक्षण किया गया तो फिर कक्षा 9 से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन का मामला सामने आया। आदेश में आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक दिनेश राय को मान्यता से इतर कक्षाएं बंद करने का निर्देश दिया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।लगातार दो निरीक्षणों में सामने आई अनियमितता और विभागीय निर्देशों की खुलेआम अवहेलना के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट बीएसए को भेजी।
🔴 मान्यता आठवीं तक, फिर आगे की पढ़ाई किस आधार पर?
इस प्रकरण का सबसे अहम सवाल यह है कि जब रेन्बो लोरेटो एकेडमी को आठवीं तक की मान्यता प्राप्त है, तो नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं किस नियम व अधिकार के तहत संचालित की जा रही थीं? क्या इन कक्षाओं के लिए किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त थी? यदि नहीं, तो विद्यार्थियों के नामांकन, शैक्षिक अभिलेखों और आगे की पढ़ाई की वैधता को लेकर क्या व्यवस्था थी? हालाकि बीएसए के आदेश में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं को अमान्य बताया गया है जबकि विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
🔴 शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कार्रवाई की संस्तुति
बीएसए ने अपने आदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18(1) तथा शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश के 22 सितंबर 2023 और 28 मार्च 2019 के आदेशों का उल्लेख किया है। इसी क्रम में प्रबंधक दिनेश राय के विरुद्ध एक लाख रुपये के अर्थदंड की संस्तुति की गई है।आदेश में उल्लंघन जारी रहने पर प्रत्येक दिन के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड लगाए जाने का भी उल्लेख है। प्रबंधक को निर्धारित लेखा शीर्षक के अंतर्गत ट्रेजरी चालान से धनराशि जमा कर उसकी प्रति तत्काल कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
🔴 निगरानी और जवाबदेही
यह मामला महज एक विद्यालय में मान्यता से इतर कक्षा चलने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि निरीक्षण में अनियमितता मिलने और कक्षाएं बंद कराए जाने के बाद कथित तौर पर दोबारा संचालन कैसे शुरू हुआ? विभागीय आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाए गए और अब विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों की रक्षा कैसे होगी? अब देखना दिलचस्प है कि रेन्बो लोरेटो एकेडमी के प्रबंधक दिनेश राय से अर्थदंड की वसूली होती है या नहीं और मान्यता से इतर कक्षाओं के संचालन पर प्रभावी रोक लगती है या नहीं। चर्चा जोरो पर है कि बीएसए की कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।



