🔴 तीन साल के मासूम संग शिक्षिका गायब!
🔵 युगान्धर टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कुशीनगर। जिले के तमकुहीराज थाना क्षेत्र मे एक शिक्षिका और उसके तीन साल के मासूम बेटे के अचानक लापता होने का मामला अब गंभीर आरोपों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों के बीच पहुंच गया है। पति का आरोप है कि पत्नी और बच्चे को बहला-फुसला कर ले जाया गया है और कानूनी कार्रवाई करने पर उसे जान से मारकर बड़ी नहर में फेंकने की धमकी दी गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे पीड़ित की मूल तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से उसे गुमशुदगी के कागज पर हस्ताक्षर करा दिए गए। मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मां-बेटे की सकुशल बरामदगी और आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बसडीला बुजुर्ग के टोला भेड़ीहारी निवासी गुड्डू राय के मुताबिक उनकी पत्नी प्राची सलेमगढ़ स्थित न्यू लाइफ मिशन स्कूल में अध्यापिका हैं। आरोप है कि 15 सितंबर को वह अपने तीन वर्षीय पुत्र अनमोल को साथ लेकर स्कूल के लिए निकलीं, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंचीं। परिवार ने खोजबीन शुरू की, रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी ली, लेकिन मां-बेटे का कही कोई पता नहीं चल सका।पीड़ित पति का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाने वाली एक अन्य अध्यापिका कागज शाही के भाई बंटी शाही का उसके घर आना-जाना था जिसको लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। बंटी उसकी पत्नी से लगातार संपर्क में था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। पीड़ित ने आशंका जताई है कि बंटी ने उसकी पत्नी और मासूम बच्चे को बहला-फुसला कर अपने कब्जे में लिया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
🔴 फोन फर मिली जान से मारने की धमकी
पुलिस अधीक्षक को दिए गये शिकायत पत्र में पीड़ित गुड्डू राय ने आरोप लगाया है कि 20 सितंबर को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने और बड़ी नहर में फेंकने की धमकी दी गई। धमकी के बाद परिवार में भय का माहौल है। पति का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते मां-बेटे को बरामद नहीं किया तो किसी गंभीर अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
🔴 मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे तो गुमशुदगी पर करा लिए हस्ताक्षर!मामले का सबसे गंभीर पहलू पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोप हैं। गुड्डू राय का कहना है कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की, लेकिन समयबद्ध तरीके से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि तमकुहीराज थाने के तत्कालिक दरोगा आदर्श मिश्रा ने उसकी मूल तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय तहरीर बदलवाकर उससे गुमशुदगी के कागज पर हस्ताक्षर कराकर वापस घर भेज दिया। सवाल यह है कि जब पीड़ित अपहरण और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगा रहा था तो उसकी शिकायत की विधिवत जांच कर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
🔴 दरोगा पर भी उठाए सवाल
शिकायतकर्ता ने हल्का दरोगा आदर्श मिश्रा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूर्व की एक कथित शराब तस्करी से जुड़ी घटना का भी उल्लेख किया है। उसका आरोप है कि उस मामले में भी दरोगा आदर्श मिश्रा की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे और बाद में मुकदमा दर्ज किया गया।
🔴 मामला एसपी के दरबार में
लगातार तलाश के बावजूद पत्नी और बच्चे का पता नहीं चलने तथा कथित धमकी से परेशान गुड्डू राय ने अब पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसने आरोपित के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, मोबाइल कॉल समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने और उसकी पत्नी व तीन वर्षीय बेटे को जल्द से जल्द सकुशल बरामद कराने की गुहार लगाई है। कहना मुनासिब होगा कि यदि पीड़ित के आरोप सही हैं तो मामला सिर्फ गुमशुदगी का नहीं, बल्कि एक महिला और तीन वर्षीय बच्चे की सुरक्षा से जुड़े बेहद गंभीर मामला है। ऐसे में पुलिस की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर पूरे परिवार की निगाह टिकी है।

