मिट्टी के गड्ढे में दफन हो गईं तीन मासूम जिंदगियां, कुशीनगर के ईंट भट्ठे पर दर्दनाक हादसे से पसरा मातम

 

🔴मौत का भट्ठा! पानी भरे गड्ढे ने निगल लीं तीन मासूम जिंदगियां

🔴ईंट भट्ठे की लापरवाही बनी काल, तीन बच्चों की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप

🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। रोटी की तलाश में छत्तीसगढ़ से कुशीनगर आए मजदूर परिवारों पर शुक्रवार की सुबह ऐसा कहर बनकर टूटी कि देखते ही देखते तीन मासूम बच्चों की सांसें थम गईं। कसया थाना क्षेत्र के ग्राम गैनपुर तप्पा मैनपुर स्थित पंकज ईंट उद्योग (आरएम मार्का ईंट) पर पानी से भरे गहरे गड्ढे ने तीन मासूम जिंदगियां निगल लीं। हादसे के बाद ईंट भट्ठे पर चीख-पुकार और मातम का ऐसा मंजर था जिसे देखकर हर आंख नम हो गई।


बताया जा रहा है कि ईंट निर्माण के लिए भट्ठे के पास मिट्टी खोदकर गहरा गड्ढा बनाया गया था, जिसमें बरसात का पानी जमा था। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मजदूरों के बच्चे उसी के आसपास खेल रहे थे। खेलते-खेलते एक मासूम अचानक पानी में जा गिरा। उसे डूबता देख दूसरा बच्चा बचाने दौड़ा, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गया। इसी बीच तीसरा बच्चा भी दोनों को बचाने की कोशिश में गड्ढे में उतर गया और वह भी डूब गया। कुछ ही क्षणों में तीनों मासूम पानी के भीतर गायब हो गए।


बच्चों के डूबने की खबर फैलते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग दौड़कर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ईंट भट्ठे पर मौजूद मजदूर परिवारों की चीखें सुन हर किसी का कलेजा कांप उठा। मृत बच्चों की पहचान 7 वर्षीय अनन्या पुत्री लक्षन 3 वर्षीय अभय पटेल पुत्र पंचू पटेल  तथा ढाई वर्षीय अनुष्का पुत्री सुखेन्द्र के रूप में हुई है। सभी परिवार मूल रूप से बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं, जो रोजी-रोटी के लिए कुशीनगर आकर ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने हादसे पर गहरा दुःख जताते हुए प्रत्येक मृतक बच्चे के आश्रितों को आपदा राहत मद से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं तीनों शवों का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए रविंद्रनगर मोर्चरी भेज दिया गया।


हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में उपजिलाधिकारी कसया को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि क्षेत्राधिकारी कसया, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, श्रम प्रवर्तन अधिकारी और खनन अधिकारी को सदस्य नामित किया गया है। समिति को तीन कार्यदिवस के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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