किसान के बेटे से आतंकी नेटवर्क तक का सफर, दिल्ली में मंदिरों की रेकी और देश दहलाने की साजिश का सनसनीखेज खुलासा
🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। कभी पिता की उम्मीदों का सहारा रहा कृष्णा मिश्रा आज देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में एटीएस की गिरफ्त में है। जिस बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए किसान पिता ने अपनी पुश्तैनी जमीन और मकान तक बेच दिया, वही बेटा पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई ने कुशीनगर ही नहीं, पूरे पूर्वांचल को झकझोर कर रख दिया है।
जटहाबाजार थाना क्षेत्र के हरपुर गांव के निवासी कृष्णा मिश्रा बाहर से भले ही एक साधारण युवक दिखाई देता था, लेकिन जांच एजेंसियों के मुताबिक अंदर ही अंदर वह देश विरोधी साजिशों के ऐसे जाल में फंस चुका था, जिसके तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से जुड़े मिले हैं।
बेटे के भविष्य के लिए पिता ने बेच दी थी पुश्तैनी जमीन
कृष्णा के पिता छोटेलाल मिश्र एक साधारण किसान हैं। इकलौते बेटे की जिंदगी संवारने के लिए उन्होंने लगभग डेढ़ दशक पहले गांव की पैतृक संपत्ति बेच दी और परिवार को बेलवा मिश्र गांव में लाकर बसा दिया। पिता को उम्मीद थी कि बेटा पढ़-लिखकर परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट ली कि आज वही बेटा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया।गांव वालों के अनुसार कृष्णा कम पढ़ा-लिखा था और धीरे-धीरे नशे का आदी हो गया था। करीब सात साल पहले वह गांव छोड़कर पहले रविन्द्रनगर और फिर दिल्ली चला गया और वहा एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा। घर पर उसका आना-जाना बेहद कम हो गया था। परिवार को भी अंदाजा नहीं था कि दिल्ली में रहते हुए वह किन लोगों के संपर्क में आ चुका है।
दिल्ली में हुई मुलाकात और शुरू हुआ ‘खतरनाक खेल’
एटीएस जांच में सामने आया है कि दिल्ली में कृष्णा की मुलाकात बाराबंकी निवासी दनियाल अशरफ से हुई। यही मुलाकात धीरे-धीरे देश विरोधी गतिविधियों की राह बन गई। दोनों पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहे थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी तथा आबिद जट के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों आतंकी देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। खुलासा हुआ है कि दनियाल अशरफ दिल्ली के कई बड़े मंदिरों की रेकी भी कर चुका था। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन-किन स्थानों पर हमला करने की योजना थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मोबाइल से मिला पाकिस्तान कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक कृष्णा मिश्रा के मोबाइल फोन से पाकिस्तानी डॉन आबिद जट का संदेश मिला है। संदेश में देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर कुछ सामग्री प्रिंट कर चस्पा करने का निर्देश दिया गया था। जांच के दौरान उसके पास से देशी तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।यूपी एटीएस ने एक साथ कार्रवाई करते हुए दनियाल अशरफ को बाराबंकी से और कृष्णा मिश्रा को कुशीनगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। दोनों से लगातार पूछताछ जारी है। एजेंसियां उनके डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और विदेशी संपर्कों की भी गहनता से जांच कर रही हैं।
गांव में दहशत
कृष्णा की गिरफ्तारी के बाद बेलवा मिश्र, हरपुर और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। गांव में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। हर गली और चौक-चौराहों पर सिर्फ इसी मामले की चर्चा हो रही है।पड़ोसियों का कहना है कि कृष्णा सामान्य व्यवहार करता था। कभी किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। किसी को यह अंदाजा तक नहीं था कि वह देश विरोधी ताकतों के संपर्क में हो सकता है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि जिस परिवार ने बेटे के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया, आज वही परिवार शर्म और सदमे में डूबा हुआ है।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य
