🔵किलकारी हॉस्पिटल में इलाज कम, बवाल ज्यादा? अल्ट्रासाउंड विवाद से खुला पुराने कारनामों का पिटारा
🔴किलकारी हॉस्पिटल फिर विवादों के भंवर में
🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। अपने चिकित्सकीय दायित्वों से इतर व्यवहार कर मरीजों एंव उनके परिजनों के साथ मारपीट व विवादों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले किलकारी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. कमलेश वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चर्चा की वजह हर बार की तरह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो है, जिसमें अस्पताल परिसर में हंगामे जैसे माहौल के बीच डाॅ कमलेश वर्मा हाथ में तमंचा लेकर कुछ लोगो के साथ धक्का-मुक्की और तीखी बहस करते हुए नजर आ रहे है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।चिकित्सकों को "धरती का भगवान" मानने वाले लोग भी इस घटना पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।
🔴वीडियो के बाद सामने आई लिखित शिकायत
वायरल वीडियो के बीच अधिवक्ता संकल्प चतुर्वेदी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। शिकायत के अनुसार, पेट की पथरी की जांच के लिए कराए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट पर सवाल उठाने के बाद विवाद शुरू हुआ। तहरीर मे संकल्प चतुर्वेदी ने कहा है कि जब वह अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर संबंधित डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर न होने का कारण पूछा तो डॉ. कमलेश वर्मा भड़क उठे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अपने हाथ में तमंचा लेकर दौड़ा दिया और धमकी दी कि "तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, मेरा सम्बन्ध बड़े-बडे अधिकारियों से है।"शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि मौके पर मौजूद स्थानीय लोग बीच-बचाव न करते तो कोई बड़ी घटनी घट सकती थी। बाद में लोगों ने कथित तौर पर डॉक्टर के हाथ से तमंचा भी छीन लिया और पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर कोतवाली पहुंचा। शिकायत में गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जानी है।
🔴पुराने विवादों की लंबी फेहरिस्त
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि किलकारी हॉस्पिटल और उसके संचालक डॉ. कमलेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के साथ हॉकी से मारपीट का मामला सुर्खियों में रहा था। उस घटना के वीडियो और चर्चाओं ने पूरे जिले में हलचल मचा दी थी।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि लगभग हर वर्ष किसी न किसी मरीज, तीमारदार या परिजन के साथ विवाद, अभद्र व्यवहार, मारपीट या तीखी नोकझोंक को लेकर डॉ. वर्मा चर्चा में बने रहते हैं। यही वजह है कि ताजा शिकायत सामने आने के बाद लोगों के बीच फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रहे संस्थानों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है? वीडियो ने पुराने मामलों की याद भी ताजा कर दी है। अब सवाल यह है कि आखिर एक चिकित्सक, जिसकी पहचान सेवा और संवेदनशीलता से होनी चाहिए, उसका नाम बार-बार विवादों से क्यों जुड़ रहा है?
🔴स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की भूमिका पर नजर
वायरल वीडियो और शिकायत पत्र के बाद मामला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक अस्पताल का नहीं, बल्कि चिकित्सा पेशे की गरिमा और मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा सवाल बन जाएगा।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य


