ठंड से जंग में इंसानियत बनी ढाल: कंबलों की गर्माहट में लिपटी करुणा, संवेदना और सम्मान - Yugandhar Times

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Friday, January 9, 2026

ठंड से जंग में इंसानियत बनी ढाल: कंबलों की गर्माहट में लिपटी करुणा, संवेदना और सम्मान

 

🔴युवा जनकल्याण समिति की “गर्म कपड़ा बैंक मुहिम” जरूरतमंदों की बनी जीने का भरोसा 

🔵 युगान्धर टाइम्स  व्यूरो 

गोरखपुर। जब शीतलहर की मार से रातें लंबी और बेरहम हो जाती हैं, जब फुटपाथ, झोपड़ियां और कच्चे घर ठंड से कांप उठते हैं ऐसे समय में युवा जनकल्याण समिति की “गर्म कपड़ा बैंक मुहिम” जरूरतमंदों के लिए केवल राहत नहीं, बल्कि जीने का भरोसा बनकर सामने आई।समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय के नेतृत्व में यह मुहिम सिर्फ कंबल वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि ठंड से जूझ रहे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए संवेदनाओं की चादर साबित हुई।

फर्टिलाइजर कॉलोनी स्थित भगवानपुर के के.बी.एस.यूनिक स्कूल परिसर में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में दृश्य बेहद मार्मिक था। झुर्रियों से भरे हाथ, ठंड से नीले पड़ते होंठ और कांपते कदम...! लेकिन जैसे ही समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने खुद आगे बढ़कर बुजुर्गों, महिलाओं और मासूम बच्चों को कंबल ओढ़ाया, मानो ठंड के साथ-साथ उपेक्षा और अकेलेपन की पीड़ा भी ढक गई। संस्था के अध्यक्ष ने कहा, “ठंड किसी की हैसियत नहीं देखती, ऐसे में हमारा प्रयास है कि आर्थिक मजबूरी किसी को ठंड से लड़ने में कमजोर न बनाए।”

यह कार्यक्रम सिर्फ कबंल वितरण का नहीं , बल्कि संदेश था कि गरीबी को कभी इंसानियत की ठंड सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। संस्था के अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने भावुक स्वर में कहा,“ठंड किसी को चुनकर नहीं आती, लेकिन मदद का हाथ चुनकर बढ़ाया जाता है। हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति केवल अभाव के कारण ठिठुरता न रहे।”इस मानवीय पहल में के.बी.एस. यूनिक स्कूल के संस्थापक पंडित बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य ने इसे मानव धर्म की सच्ची साधना बताया। उन्होंने समाज के सामर्थ लोगों से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि जब सेवा निःस्वार्थ होती है, तभी उसका असर पीढ़ियों तक रहता है।कार्यक्रम को सफल बनाने में महासचिव अखिलेश मल्ल, कमल ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस के प्रबंधक शरद सिंह, विद्यालय की प्रधानाचार्या शैलजा पाण्डेय तथा शिक्षिकाएं ज्योति और पिंकी चौहान का योगदान उल्लेखनीय रहा। शिक्षिकाओं ने श्रमदान कर यह साबित किया कि संवेदना केवल भाषणों में नहीं, कर्म में दिखनी चाहिए।

संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुहिम ठंड के मौसम तक जारी रहेगी। 11 जनवरी, रविवार को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती की पूर्व संध्या पर एक और कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि सेवा के इस दीप को और उजाला मिले।कड़ाके की ठंड में जब बहुत-सी जिंदगियां खामोशी से संघर्ष कर रही हैं, ऐसे में युवा जनकल्याण समिति का यह प्रयास याद दिलाता है कि कंबल सिर्फ शरीर नहीं ढकते, वे इंसान को यह एहसास भी दिलाते हैं कि वह इस समाज में अकेला नहीं है।




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