सनसनीखेज : सातवी कक्षा के छात्र की हत्या, स्कूल में फंदे से लटकते मिला शव - Yugandhar Times

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Saturday, September 13, 2025

सनसनीखेज : सातवी कक्षा के छात्र की हत्या, स्कूल में फंदे से लटकते मिला शव

🔴संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला का मामला, प्रबंधक हिरासत मे

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जनपद के हाटा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या दो, मुजहना रहीम स्थित संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला में कक्षा सात के छात्र 11 वर्षीय कृष्णा दूबे का शव फंदे से झूलते हुए मिला है। मौका-ए-वारदात की स्थिति - परिस्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे किसी भी सूरत मे आत्महत्या मानने को तैयार नही है। चर्चा जोरो पर है कि पहले कृष्णा की गला दबाकर हत्या की गयी है फिर उसके शव को फंदे से लटकाकर खुदकुशी का जामा पहनाया गया है। हालाकि परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नही दी गयी है मौके पर पहुची पुलिस स्कूल के प्रबंधक प्रभूनाथ पाण्डेय को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 

बतादे कि पडोसी जनपद देवरिया के महुआडीह थाना क्षेत्र के रामपुर दूबे गांव निवासी धनंजय दूबे का पुत्र11 वर्षीय कृष्णा दूबे कुशीनगर जिले के हाटा कस्बे मे संचालित संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला में प्रथमा द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह दो वर्ष से विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रशासन द्वारा अवैध तरीके से संचालित कथित हास्टल मे ही रहता था। उसके साथ 15-20 की संख्या में अन्य छात्र भी रहते थे। ऐसी चर्चा है कि स्कूल प्रबंधक प्रभूनाथ पाण्डेय कुछ कक्षाओं को हाॅस्टल की तरह उपयोग करते थे, जबकि उन्हें इसकी इजाजत नहीं थी। बताया जाता है कि गुरुवार की रात्रि भोजन करने के बाद सभी छात्र विद्यालय परिसर स्थित मंदिर के बरामदे में सोए हुए थे। शुक्रवार को मध्य रात्रि करीब साढ़े तीन बजे एक छात्र शौचालय की तरफ गया तो देखा कि विद्यालय परिसर में लगी लोहे की सीढ़ी में धोती के फंदे से कृष्णा लटका हुआ था। उसने तत्काल परिसर में ही रहने वाले विद्यालय के प्रबंधक प्रभुनाथ पांडेय को इसकी सूचना दी। प्रबंधक मौके पर पहुंचे और कृष्णा को फंदे से नीचे उतरा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद कृष्णा के परिजनों को सूचना दी गई। इधर कृष्णा की मौत की सूचना पाकर परिवार के लोग  सदमे आ गए। वह सीधे तौर हत्या का आरोप लगा रहे है। परिजनों की सूचना पर मौका-ए-वारदात पर पहुची हाटा कोतवाली पुलिस सबसे पहले मौके का बारीकी से निरीक्षण किया फिर शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल का फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया। हालाकि पुलिस प्रथम दृष्टया आत्म हत्या मान रही है लेकिन मौका-ए-स्थिति को देखते हुए हत्या के एंगल पर जांच में जुटी है। परिजनो द्वारा शनिवार को तहरीर देने की बात कही जा रही है परिजन कृष्णा की मौत को पुरी तरह हत्या मान रहे है। इधर संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला के प्रबंधक प्रभुनाथ पांडेय का कहना है कि विद्यालय अपने निजी व्यवस्था से छात्रों के लिए निशुल्क छात्रावास चलाता है। शुक्रवार को भोर में कृष्णा दुबे के साथ रहने वाले छात्रों में से एक ने आकर मुझे बताया कि उसकी लाश परिसर में ही लगी लोहे की सीढ़ी में धोती के फंदे से लटकी हुई है। मैं पहुंचा और उसे अस्पताल ले जाने के लिए नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया यह  हैरान करने वाली है।

🔴ज्योतिष बनना चाहता था कृष्णा

कृष्णा ने खुदकुशी की तो क्यो की, या फिर कृष्णा की हत्या की गयी है तो किसने किया यह सवाल सबके जेहन मे हिलोरें मार रही है जिसका जबाब भविष्य के गर्भ मे है लेकिन कृष्णा की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है जो कभी न भूलने वाला जख्म है। बताया जाता है कि कृष्णा दो भाइयों में बड़ा था जो काफी होनहार व धार्मिक था। उसे बचपन से ही ज्योतिष में गहरी रुचि थी। वह परिवार में हमेशा इससे जुड़ी बातें करता रहता था। कृष्णा के दादा सीआरपीएफ में हैं। उनकी तैनाती प्रयागराज में है। पिता धनंजय दूबे दुसरे राज्य में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि मां गृहणी हैं। कृष्णा की दादी गोदावरी देवी की माने तो कृष्णा का सपना ज्योतिषाचार्य बनने का था। उसके इसी सपने को पूरा करने के लिए उसे घर परिवार से दूर संस्कृत विद्यालय में रह कर पढ़ाई करने के लिए भेजा गया था। परिवार के लोगों को क्या पता था कि दूसरों के भविष्य बताने की पढ़ाई करने वाला कृष्णा असमय ही काल के गाल में समा जायेगा।  कृष्णा की मौत की सूचना मिलने के बाद विद्यालय पहुंची उसकी दादी गोदावरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि कृष्णा की एक दिन पहले ही उनकी फोन पर बात हुई थी। उसने दो दिन बाद घर आने की बात कही थी। आज उसकी मौत की खबर होने ने पूरे परिवार को तोडकर रख दिया। बताया जाता है एक बार  कृष्णा के घर में धार्मिक आयोजन हुआ था। उसके बाद से उसने ज्योतिष सीखने की इच्छा जताई थी। कक्षा पांच पास होने के बाद उसकी इच्छा पूरी करने के लिए उसे हाटा के इस विद्यालय में संस्कृत पढ़ने के लिए भेजा गया था।

🔴 रिपोर्ट-संजय चाणक्य/राजेन्द्र गुप्ता 

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