स्वास्थ्य विभाग की कारगुजारी का भंडाफोड़ : जमीन मे दफन की जा रही थी सरकारी दवाइयां

🔴 डीएम के निर्देश पर लाल-लश्कर के साथ मौके पर पहुचे  एडीएम, इंचार्ज निलंबित, जांच टीम गठित 

🔵जनपदीय ड्रग वेयर हाउस का मामला 

🔴युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर । कभी एएनएम की भर्ती मे अनियमितता, तो कभी आशा कार्यकत्रियों के मानदेय न मिलने के कारण , कभी कर्मचारियों के स्थानांतरण मे धन उगाही, तो कभी अवैध हास्पिटल सील कर कुछ दिनो बाद खोलने का अनुमति देकर हमेशा चर्चा मे रहने वाला जिले का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर चर्चा मे है। आरोप गंभीर है कि सीएमओ के मिलीभगत से ड्रग वेयर हाउस के इंचार्ज ने लाखो रुपये के सरकारी जीवन रक्षक दवाएं जमीन मे दफन करा दिया। इसमे  एक्सपायरी डेट की दवाओ के साथ साथ लंबे समय तक की बैध दवाएं भी शामिल है। जिले के आला  अफसरो को सोमवार की देर रात इसकी भनक लगी तो वह अपने लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुचे और स्वास्थ्य महकमा के कारगुजारियों को देखकर दंग रह गये। तत्काल प्रभाव से ड्रग वेयर हाउस के इंचार्ज फार्मासिस्ट मंतोष पाण्डेय को निलंबित कर पूरे मामले की जांच करने के लिए टीम गठित कर दिया। 

काबिलेगौर है कि कसया एनएच-28 पर जनपदीय ड्रग वेयर हाउस स्थित है। जानकारों के मुताबिक जनपदीय ड्रग हाउस से जिले के समस्त सामुदायिक व प्रथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर दवाए भेजी जाती है और फिर इन सीएचसी व पीएचसी से बीमारी के अनुसार मरीजों मे निशुल्क दवा वितरण किये जाते है। किन्तु अफसोस सीएचसी व पीएचसी पर दवाओ का जहां टोटा है और मरीज बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मजबूर है वही विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत से  ड्रग हाउस पर दवाए जमीन मे दफन किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि ड्रग हाउस के इंचार्ज फार्मासिस्ट मंतोष पाण्डेय द्वारा दवाओ को मिट्टी मे दफन करने का खेल लंबे समय से खेला जा रहा था जिसकी सूचना गार्ड कमलेश सिह ने सीएमओ डाँ. सुरेश पटारिया को दिया भी था लेकिन सीएमओ की ओर से कोई कार्रवाई नही किया गया। इसके पीछे विभागीय सूत्रो का तर्क  है कि यह खेल सीएमओ के जानकारी व मिलीभगत से हो रही थी। इस बात मे कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा लेकिन गार्ड की सूचना के बावजूद सीएमओ द्वारा कोई कार्रवाई नही किया जाना विभाग सूत्रो के तर्क को समर्थन देने के लिए काफी है। यही वजह है कि फार्मासिस्ट मंतोष पाण्डेय का भेद गार्ड के सामने सार्वजनिक होने के बावजूद बेखौफ दवाओ को मिट्टी मे दफन करने का खेल जारी रहा है।

🔴 गार्ड ने डीएम को दी सूचना

सोमवार को देर रात में दवाओ को जेसीबी की मदद से दफन करने की जानकारी गार्ड कमलेश सिंह ने जिलाधिकारी रमेश रंजन को दी। डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, कसया की एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार शैलेश सिंह, इंस्पेक्टर  डॉ. आशुतोष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। अफसरों को देख वहां मौजूद फार्मासिस्ट के करीबी भाग निकले। आधी रात तक अफसर मौके पर जमे रहे। जमीन के अंदर भारी मात्रा में दवा दफन करने का अनुमान लगाया जा रहा है। पूछताछ में जेसीबी और ट्रैक्टर चालकों ने फार्मासिस्ट के बुलाने पर आने की बात कही। ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। अब तक की जांच में सीएमओ से लेकर फार्मासिस्ट की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। हालांकि, जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच बैठा दी है। इसके अलावा फार्मासिस्ट मंतोष पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। उनकी जगह सपहां सीएचसी के फार्मासिस्ट को तैनात किया गया है।

🔴जांच टीम खुदाई कराकर जमीन से निकलवायी दवाइयां

जांच के क्रम में जिलाधिकारी  के निर्देश पर मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी और कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और खुदाई करवाकर जमीन में दफन दवाओ को बाहर निकलवाया। इसमें तमाम ऐसी जीनव रक्षक दवाइयां थीं, जिसकी वैधता तिथि लंबे समय तक थी जो एक्सपायर नहीं हुई थीं। जांच के दौरान यह पता चला कि दो माह पूर्व नियम विरुद्ध तरीके से जमीन में दवाएं दफन की गई थीं। बचाव के लिए रातों रात साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही थी।



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