🔵पुलिसिया स्क्रिप्ट का पर्दाफाश: तस्करी के पैसे हड़पने के लिए रची फर्जी वारदात
🔴खाकी पर दाग: गांजा तस्करी के काले खेल में पुलिसकर्मी शामिल
🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। सुरक्षा का भरोसा देने वाली खाकी जब खुद साजिश रचने लगे, तो कानून-व्यवस्था का चेहरा कितना भयावह हो सकता है इसकी बानगी रामकोला थाना क्षेत्र में देखने को मिली। यहां खाकी की वर्दी में छिपे ‘गिरोह’ ने ऐसा खेल खेला कि सच सामने आते ही पुलिस महकमे की नींव हिल गई। इनके मातहतों द्वारा लाखों रुपये की लूट की जो कहानी गढ़ी गई, वह दरअसल खाकी के भीतर पल रहे लालच और अपराध की पटकथा थी।
बेशक! जब कानून के रखवाले ही कानून को चकमा देकर जघन्य अपराध को अंजाम देने लगे तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। रामकोला थाने के सिपाहियों के सामने आये अपराधिक कारनामे यह साबित करता है कि खाकी का दामन अंदर से कितना दागदार हो चुका है।लाखों रुपये की कथित लूट की जो कहानी तस्करो ने गढ़ी थी, वह दरअसल खुद पुलिसकर्मियों की साजिश निकली। पर्दा उठा तो सामने आया गांजा तस्करी का संगठित खेल।
🔴खुलासे मे खाकी का घिनौना चेहरा हुआ बेनकाब
खुलासा हुआ कि यह कोई लूट की घटना नहीं, बल्कि गांजा तस्करी से कमाए गए काले धन को हड़पने का सुनियोजित षड्यंत्र था और इस षड्यंत्र के किरदार खाकी वर्दी के पीछे छिपे पुलिसकर्मी थे।जांच में सामने आया कि सिपाही सूरज गिरी इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। उसने तस्करों के साथ मिलकर अवैध धंधे का ऐसा ‘गिरोह’ बना रखा था, जहां गांजा तस्करी से आने वाला पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचता था। रकम बढ़ी तो नीयत बिगड़ गयी और फिर रची गई फर्जी लूट की कहानी, ताकि पैसा भी हड़प लिया जाए और मामला भी दब जाए।
🔴सिपाही सुरज गिरी के साझेदार तीन सिपाही
चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंदे खेल में सिपाही सूरज गिरी अकेला नहीं है। उसके साथ तीन और खाकीधारी सिपाही विनोद गुप्ता, सिपाही जितेन्द्र पाल व सिपाही नितेश यादव भी साझेदार और हिस्सेदार है। यानी कानून की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले ही कानून के साथ खेल रहे थे। इस कांड ने यह साफ कर दिया है कि कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों ने वर्दी को ‘ढाल’ नहीं, बल्कि ‘हथियार’ बना लिया है जिसके सहारे वह बेखौफ अपराध को अंजाम दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह जाएगी, या फिर इन वर्दीधारी गुनहगारों पर ऐसा प्रहार होगा जो आने वाले समय के लिए नजीर बनेगा?
🔴 इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
रामकोला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नतीजतन सिपाही सूरज गिरी, सिपाही विनोद गुप्ता, सिपाही जितेन्द्र पाल समेत सुन्दर लाल निषाद, सुरेश यादव उर्फ सुनील यादव, मनोज बिंद, रणजीत यादव उर्फ राहुल, पंकज, रत्नेश राय, दीपु भारती व धीरज के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 8, 20(बी), 27(ए) व 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।इन धाराओं के तहत आरोपियों पर न सिर्फ संगठित तस्करी, बल्कि अवैध कमाई और आपराधिक साजिश का गंभीर आरोप तय हुआ है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ना तय माना जा रहा है।
🔴एसपी की सख्ती से घिरे खाकीधारी, अब बचना मुश्किल
गांजा तस्करी और फर्जी लूट कांड में बेनकाब हुए खाकीधारियों के गंदे खेल को पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने गंभीरता से लेते हुए साफ संकेत दे दिया हैं कि इस बार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
🔴 जीरो टॉलरेंस का संदेश
एसपी केशव कुमार के रुख से यह साफ हो गया है कि पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले कर्मियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है। जांच में दोषी पाए गए सिपाहियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
🔴 बचाव के रास्ते बंद
सूत्रों के मुताबिक, मामले में शामिल सिपाहियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। ऐसे में अब उनके लिए बच निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ जेल की राह भी तय मानी जा रही है।
🔴 संदेश साफ खाकी में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
एसपी केशव कुमार की सख्ती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। यह कार्रवाई न सिर्फ दोषियों पर भारी पड़ेगी, बल्कि पूरे महकमे को एक कड़ा संदेश भी देगी।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य





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