राष्ट्रीय मंच पर फिर चमके डॉ. संदीप, ‘डायबिटीज़ इंडिया’ से मिला फेलोशिप सम्मान - Yugandhar Times

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Friday, February 20, 2026

राष्ट्रीय मंच पर फिर चमके डॉ. संदीप, ‘डायबिटीज़ इंडिया’ से मिला फेलोशिप सम्मान

 

🔵राष्ट्रीय पहचान को नई ऊंचाई: डॉ. संदीप अरुण व डॉ. राजीव  को मिला ‘डायबिटीज़ इंडिया’ फेलोशिप सम्मान 

🔴सेवा, समर्पण और सफलता को फिर मिला राष्ट्रीय सम्मान

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जनपद के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन, एफआईसीपी, एफआईएसीएम,एफआईएसएच,एफडीआई, सीसीईबीडीएम एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव मिश्र को डायबिटीज इंडिया  के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। यह सम्मान मधुमेह के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, शोधपरक दृष्टिकोण और समर्पित सेवाओं की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।

बतादे कि हैदराबाद हैदराबाद में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर से चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। फेलोशिप के दौरान साक्ष्य-आधारित उपचार दिशानिर्देशों, नवीनतम शोध प्रगति, आधुनिक इंसुलिन थेरेपी, जटिल मधुमेह प्रबंधन और जीवनशैली आधारित उपचार पद्धतियों पर विस्तृत मंथन हुआ। यह अकादमिक मंच चिकित्सकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी चिकित्सा सेवाओं को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।


🔴पूर्व में भी दो बार राष्ट्रीय सम्मान

कहना ना होगा कि डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव इससे पूर्व भी राष्ट्रीय स्तर पर दो बार सम्मानित हो चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनके सतत योगदान, शोधपरक कार्यशैली और उत्कृष्ट रोगी-सेवा को लेकर उन्हें पहले भी राष्ट्रीय मंचों पर सराहा जा चुका है। ऐसे में यह नवीन फेलोशिप उनके  उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है।डॉ. श्रीवास्तव लंबे समय से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय-जोखिम कारकों एवं चयापचय विकारों के समग्र प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि जन-जागरूकता अभियानों, सतत चिकित्सा शिक्षा और सामुदायिक स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से भी समाज में स्वास्थ्य चेतना को मजबूत कर रहे हैं।इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुजनों, वरिष्ठ चिकित्सकों, सहयोगियों और समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम-वर्क और मरीजों के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी पत्नी डॉ. सुरभि श्रीवास्तव का धन्यवाद किया, जिनका निरंतर सहयोग उनके जीवन और पेशेवर यात्रा की प्रेरणा रहा है। साथ ही उन्होंने नवजीवन हास्पिटल  के मरीजों और सहयोगियों के प्रति भी कृतज्ञता जताई। उनका कहना है कि मरीजों का विश्वास ही चिकित्सक की सबसे बड़ी पूंजी है, जो उसे हर दिन बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।डॉ. श्रीवास्तव ने संकल्प व्यक्त किया कि वे आधुनिक उपचार प्रोटोकॉल, अद्यतन शोध-आधारित चिकित्सा पद्धतियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के प्रभावी नियंत्रण की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।

🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य



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