🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। जनपद में सरकारी प्रोटोकॉल की अनदेखी का सनसनीखेज मामला खूब चर्चा में है जिसकी गूंज अब लखनऊ तक सुनाई देने की संभावना है। सबब यह है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य व प्रश्न एवं संदर्भ समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सरकारी दौरे के दौरान बुधवार को जो कुछ भी हुआ, उसने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं। चर्चा - ए-सरेआम है कि एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी जैसे ही कुशीनगर की सीमा में दाखिल हुए, वैसे ही प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती नजर आईं, न कोई वरिष्ठ अधिकारी स्वागत के लिए मौजूद थे, न ही वह औपचारिक सम्मान दिया गया, जो नियमों के तहत अनिवार्य है। लापरवाही यहीं नहीं थमी, बताया जाता है कि रात्रि विश्राम के दौरान भी व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त रहीं, जिसके वजह से सभापति की नाराजगी और गहरी हो गई।
जानकार बोले
विशेषज्ञों का कहना है कि चूकि ध्रुव कुमार त्रिपाठी शिक्षक एमएलसी व प्रश्न एंव सन्दर्भ समिति के सभापति है इसलिए प्रोटोकॉल के अनुसार उनकी प्रारम्भिक स्वागत की जिम्मेदारी डीआईओएस व एडीएम की होती है किन्तु सभापति के स्वागत और अगुवाई के समय डीआईओएस व एडीएम दोनो अधिकारी नदारत रहे यहां तक कि रात्रि विश्राम के दौरान भी किसी अधिकारी ने व्यवस्था नही देखी, इस नाराजगी स्वाभाविक है।
डीआईओएस को लगायी फटकार
सूत्रो की माने तो प्रश्न एंव सन्दर्भ समिति के सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी की नाराजगी उस समय जगजाहिर हो गयी जब समीक्षा बैठक मे उन्होने डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त से 31 मार्च तक सेवानिवृत्त हुए शिक्षको की पुरी जानकारी मांगी और डीआईओएस, सभापति के सवालो का जबाब देने के बजाय निरुत्तर होकर अगल-बगल झाकने लगे। इसके बाद सभापति ने एक के बाद एक करके कई सवाल दागे लेकिन डीआईओएस के पास उनके सवाल का कोई जबाब नही था। नतीजतन प्रोटोकॉल की उडाई गयी धज्जियाँ से नाराज सभापति ने डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त को जमकर फटकार लगायी। इसको लेकर प्रशासनिक गलियारों मे चर्चाओं का बाजार गरम रह।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य


