शिक्षा तंत्र में हड़कंप: 700 छात्रों के आवेदन निरस्त मामले मे नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश - Yugandhar Times

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Wednesday, February 18, 2026

शिक्षा तंत्र में हड़कंप: 700 छात्रों के आवेदन निरस्त मामले मे नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश


🔵अनुक्रमांक फ्रीज कांड में कानून का शिकंजा

🔴 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर विभाग सख्त

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में जिम्मेदारो की गैरजिम्मेदाराना के कारण पंजीकृत 700 इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के आवेदन  निरस्त कर उनके अनुक्रमांक फ्रीज व विलोपित किए जाने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। नतीजतन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर पत्राचार पंजीकरण केंद्र संख्या 901 गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, पडरौना के प्रकरण में विद्यालय के नोडल अधिकारी व प्रधान लिपिक पर आपराधिक अभियोग दर्ज कराने के आदेश जारी किया गया हैं। पत्राचार शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सी.एल. चौरसिया द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक, कुशीनगर श्रवण कुमार गुप्त को भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रकरण में संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत सुनिश्चित कराये।


🔴 इन पर दर्ज होगा मुकदमा 

अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सी.एल. चौरसिया की ओर से जारी पत्र में पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज, बिन्दवलिया व गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज के नोडल अधिकारी, विकास मणि त्रिपाठी एंव गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, पडरौना के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ यह भी परीक्षण करने को कहा गया है कि मामला अधिनियम-2024 की धारा 2(च) व धारा 14 के अंतर्गत आता है, तो उन्हीं धाराओं में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

🔴700 आवेदन निरस्त,अनुक्रमांक फ्रीज, जिम्मेदार कौन?

इस गंभीर प्रकरण मे अहम सवाल यह है कि 700 छात्रों के आवेदन आखिर किन परिस्थितियों में निरस्त किया गया? क्या यह तकनीकी त्रुटि थी, प्रशासनिक लापरवाही है या फिर सुनियोजित षड्यंत्र ? छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश है कि एक झटके में पूरे साल की मेहनत बर्बाद कर दी गयी। 


🔴 अब क्या होगा?

अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सी.एल. चौरसिया के ओर से जारी आदेश के अनुपालन मे डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त सर्व प्रथम गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज के नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी व विद्यालय के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाण्डेय के विरुद्ध स्थानीय थाने अभियोग पंजीकृत कराकर समस्त साक्ष्य संकलित करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजेगें। इतना ही नही यदि अधिनियम-2024 के तहत मामला सिद्ध होता है, तो यह केवल विभागीय नहीं बल्कि दंडात्मक कार्रवाई का भी रास्ता खोलेगा।700 छात्रों का भविष्य अधर में है। सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। सवाल यह है कि क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर जिम्मेदारी की फाइलें ही फ्रीज हो जाएंगी?

🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य



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