🔵सच ने तोड़ा संरक्षण का कवच
🔴शुरू हुई वर्दी की आड में चल रहे हफ्ता वसूली कज साम्राज्य को अंत करने की कार्रवाई
🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। हाइवे पर अवैध वसूली के जिस काले सच को लंबे समय से दबाने की कोशिश होती रही, उसे युगान्धर टाइम्स सहित लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्रों द्वारा बेखौफ होकर जनता के सामने रखे जाने के बाद पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिपाही राजू चौधरी को तत्काल लाइनहाजिर कर दिया है। जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई उस दबाव का परिणाम है, जो सच सामने आने के बाद सिस्टम पर बना।
वायरल ऑडियो में जिस निर्लज्जता से हफ्ता वसूली और रकम “ऊपर” तक पहुंचाने की बात हो रही है, उसने यह उजागर कर दिया कि हाइवे पर लूट कोई व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि संरक्षण प्राप्त संगठित गिरोह का हिस्सा थी। यह वही तंत्र है, जिसमें वर्दी न्याय की प्रतीक नहीं, बल्कि वसूली की गारंटी बनती चली गई। युगान्धर टाइम्स की रिपोर्ट ने इस तंत्र के भ्रष्ट कर्मियो पर सीधा प्रहार किया। नतीजतन अपने ईमानदार कार्यशैली के लिए विख्यात पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने तत्काल एक्शन लेकर अपनी रुतबा को बरकरार रखा। एसपी की कार्रवाई ने यह जरूर दिखा दिया कि उनके कार्यकाल में मामला दबाया नहीं जा सकता है। लेकिन सवाल अभी भी सुरसा की तरह मुंह बाये खडी हैं? कहने का मतलब यह कि सिपाही राजू चौधरी तो इस खेल का मोहरा है क्या इस खेल में थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध नही है? क्या जिस सीओ के नाम ऑडियो में लिए जा रहे हैं, वह जांच के जद में नही आएंगे?या फिर हमेशा की तरह नीचे वाले को बलि का बकरा बनाकर ऊपर वालों को क्लीन चिट दे दी जाएगी? जवाब अगर टालमटोल लबरेज रहा, तो सिपाही पर की गयी यह कार्रवाई भी जनता की नजर में प्रतीकात्मक दंड बनकर रह जाएगी। कहना ना होगा कि यह खबर सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय की पहली किरण है। लेकिन भरोसा तभी लौटेगा, जब जांच निष्पक्ष होगी और दोषी चाहे जिस ओहदे पर हो, कार्रवाई होगी।देखना दिलचस्प होगा कि यह कार्रवाई का यह कदम दिखावा बनता है या फिर हाइवे वसूली के काले साम्राज्य के अंत की शुरुआत।



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