🔴न्यायाधीश के बागीचे मे अवैध तरीके से सड़क निर्माण का मामला
🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। नगर पालिका परिषद कुशीनगर के मनमानेपन व भ्रष्टाचार की कारस्तानी परत दर परत खुल रही है। अधिशासी अधिकारी अंकिता शुक्ला द्वारा सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग कर गोलमाल किये जाने से लेकर अध्यक्ष प्रतिनिधि व ईओ के मिलीभगत से आचार संहिता में लाखो रुपये की धनराशि से नियम विरुद्ध तरीके से 70 अदद सोलर बैक्ट्री की खरीदारी तक का मामला अभी शान्त भी नही हुआ कि नगर पालिका परिषद ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश स्व. केशवानन्द द्विवेदी के बागीचे मे अवैध तरीके से सड़क निर्माण शुरू कराकर नया बखेड़ा खडाकर दिया। हालाकि मामला बिगड़ता देख अध्यक्ष प्रतिनिधि अपना पल्ला झाडते हुए सभासद पर और सभासद,अध्यक्ष प्रतिनिधि पर आरोप मढते हुए बैक फूट पर आ गये है।

बतादे कि कसया शहर के वार्ड संख्या 12, बीर अब्दुल हमीद नगर मुहल्ले मे सेवानिवृत्त न्यायाधीश का अपना आवास व बागीचा है। सूत्र बताते है कि चार दिन पूर्व नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पति राकेश जायसवाल के कारखास ठेकेदार नगर पालिका के संसाधनो के साथ बागीचे में पहुचे और बागीचा स्वामी से बगैर अनुमति लिए व बिना सरकारी कोरमपूर्ति किये अवैध तरीके से मिट्टी गिराकर सड़क निर्माण कराने का कार्य शुरू कर दिया, जब इसकी जानकारी स्व.न्यायाधीश द्विवेदी के परिवार को हुई तो वह मौके पर पहुंच गये। परिजनों द्वारा पूछताछ पर इस बात का खुलासा हुआ कि इस कार्य को कराने के लिए नगर पालिका की ओर से न तो टेण्डर निकाला गया है न बागीचे स्वामी से कोई अनुमति ली गयी है।स्व.जज केशवानंद के पुत्र राजीव द्विवेदी ने बताया कि बीते बुधवार को वीर अब्दुल हमीद नगर में स्थित उनके बगीचे में बिना पैमाइस करवाये नगर पालिका परिषद द्वारा 800 मीटर सडक का निर्माण करवाया जा रहा था।यह कार्य अध्यक्ष पति राकेश जायसवाल के खास ठेकेदार महीप राव करवा रहे थे। उन्होने बताया कि रास्ते पर 12मीटर इंटरलॉकिंग हुआ है और शेष रास्ते पर अवैध तरीके से मिट्टी गिराकर सडक निर्माण कराने का कार्य किया जा रहा था जिसकी सूचना नगर पालिका ने बगीचा स्वामी व उनके परिवार के सदस्यों को नही दी थी जब इसकी जानकारी हुई तो वह कार्य स्थल पहुंचे और वहा मौजूद ठेकेदार महीप राव के मुंशी से पूछताछ किये तो मुंशी ने ठेकेदार महीप राव से बात जानकारी लेने की बात कही।इसके बाद राजीव द्विवेदी, ठेकेदार के मोबाइल पर संपर्क कर वार्ता किये तो ठेकेदार ने कहा कि कोई विवाद नही था इसलिए सड़क बनवा रहा था ।कब इस कार्य का टेंडर हुआ है पूछे जाने पर ठेकेदार ने चुप्पी साध ली और कहा कि आप मिट्टी हटवा दीजिये हम कार्य नही करवाएंगे । इसके बाद देर शाम को मिट्टी हटाया गया। राजीव का कहना है कि चेयरमैन पति राकेश जायसवाल से जब वह वार्ता किये तो अध्यक्ष पति ने कहा कि बिना पैमाइस चिन्हांकन किये किसी के खेत व नम्बर की जमीन पर रास्ते का निर्माण करना न्यायसंगत नही है ,चूकि वार्ड के सभासद ने प्रस्ताव दिया था इसलिए उनके प्रस्तावित रास्ते का निर्माण करवाया जा रहा है, ठीकेदार महीप राव से वार्ता कर कार्य को रोकवा देता हूँ। मजे की बात यह है कि वार्ड के सभासद का कहना है कि मेरे द्वारा कोई प्रस्ताव नही दिया गया है। इससे पहले वहाँ मिट्टी गिराया गया था जिसका भुगतान अभी तक नही हुआ है तो फिर उसी रास्ते पर मिट्टी गिराकर इंटरलॉकिंग करवाना कहा तक उचित है? सवाल यह उठता है कि नगर पालिका ने कस्तकारी के जमीन पर भूमि स्वामी के अनुमति के बगैर व बिना टेण्डर निकाले किसके निर्देश पर सडक निर्माण कार्य शुरू कराया था? कही सरकारी धन का बंदरबांट का खेल तो नही जो जांच का विषय है।

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