सीएम जनसुनवाई पोर्टल को डीआईओएस ने बनाया मजाक, फर्जी रिपोर्ट लगाकर किया शिकायत का निराकरण - Yugandhar Times

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Tuesday, August 26, 2025

सीएम जनसुनवाई पोर्टल को डीआईओएस ने बनाया मजाक, फर्जी रिपोर्ट लगाकर किया शिकायत का निराकरण

🔴 श्री गंगा बक्श कनोडिया इंटर कालेज के सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय, वीरेंद्र पाण्डेय व श्याम नरायण पाण्डेय द्वारा बिना कार्य किये दो वर्ष का एरियर निकालने का मामला 

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। आम जनमानस की सुनवाई और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए शुरू किया गया मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल को कुशीनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक  ने बनाया मजाक। हुआ यह है कि शिकायत में बिना मौके पर पहुंचे और साक्ष्यों का बगैर अवलोकन किये ही डीआईओएस ने कार्यालय में बैठे-बैठे फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया। नतीजतन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही होने के कारण इनके हौसले बुलंद है।

बतादे कि दिनांक-6अगस्त-2025 को शिकायतकर्ता संजय चाणक्य ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल शिकायत संख्या- 40018925022508 पर जनपद के कप्तानगंज स्थित गंगा बक्श कनोडिया इंटर कालेज के सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय, वीरेंद्र पाण्डेय तथा श्याम नरायण पाण्डेय के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। इन शिक्षको पर आरोप है कि यह तीनो अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय, वीरेंद्र पाण्डेय व श्याम नरायण पाण्डेय जुलाई - 2012 से मार्च -2014 तक विद्यालय मे बगैर कार्य किये तथ्य गोपन व कूटरचित अभिलेख तैयार कर लाखो रुपये एरियर निकालकर सरकारी खजाना लूटने का कार्य किया है। शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत मे कहा है कि विद्यालय के मूल उपस्थिति पंजिका मे इन अध्यापको का हस्ताक्षर नही है जिसकी जांच करा ली जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जायेगा। सीएम कार्यालय से जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त को इस प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। 

🔵उपस्थिति पंजिका जांच किये वगैर आरोपी शिक्षको को दे दिया क्लीनचिट 

जानकारों का कहना है कि इस प्रकरण मे डीआईओएस को विद्यालय मे स्वंय जाकर वर्ष 2012 से 2014 का मूल उपस्थिति पंजिका की जांच करनी चाहिए, इसके बाद प्रकरण में अपनी आख्या लगानी चाहिए। किन्तु जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने ऐसा नही किया जो आरोपी शिक्षको से प्रभावित होकर उन्हे बचाने का प्रयास की ओर इशारा करती है। सूत्र बताते है कि डीआईओएस ने आरोपी शिक्षक देवेन्द्र पाण्डेय, वीरेंद्र पाण्डेय व श्याम नरायण पाण्डेय द्वारा तथ्य गोपन व तैयार कराये गये कूटरचित अभिलेखों को साक्ष्य मानकर इन्हे क्लीनचिट देते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया। 

🔴 शिकायतकर्ता ने किया रिमाइंडर 

हालाकि डीआईओएस द्वारा प्रकरण को फर्जी तरीके से निस्तारण किये जाने के बाद शिकायतकर्ता संजय चाणक्य ने तुरंत जनसुनवाई पोर्टल पर अपने शिकायत संख्या -40018925022508 पर रिमाइंडर दर्ज कराते हुए विद्यालय के मूल उपस्थिति पंजिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक इन शिक्षको ने तथ्य गोपन व कूटरचित अभिलेख तैयार कर न सिर्फ लाखो रुपये एरियर के रुप मे सरकारी खजाने डकार गये बल्कि विनियमितकरण व चयन वेतनमान का लाभ भी फर्जी तरीके से उठा रहे है। यह प्रकरण भी सीएम पोर्टल पर जल्द दर्ज होने वाला है।


 

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