स्थानांतरण के दस माह बाद अभियंताओ का बंधा बोरिया - बिस्तर

🔴 खबर  का असर

🔴 संजय चाणक्य

कुशीनगर । शासन द्वारा  सिचाई विभाग के बाढ खण्ड के अभियंता और अवर अभियंताओं के किये स्थानांतरण के दस माह बाद आखिरकार इन अधिकारियों का बोरिया-विस्तार बध ही गया। स्थानांतरित हुए अभियंताओ का इकबाल यहा के अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह के दम पर बुलंद था। ऐसी चर्चा है कि अधिशासी अभियंता अपने मनबढई के दम पर शासन के आदेश को ठेगा दिखाते हुए स्थानांतरण के बाद भी अवैध तरीके से सहायक व अवर अभियंताओ को रोक रखे थे और रिलीब नही कर रहे थे। इसके पीछे इन अधिकारियों द्वारा मोटो कमीशन का खेल बताया जा रहा है। युगान्धर टाइम्स व संदेशवाहक सहित लखनऊ से प्रकाशित कुछ समाचार पत्र ने स्थानांतरित हुए आठ अभियंताओ के अवैध तरीके से कुण्डली मारकर जमे रहने से संबंधित खबरो को लगागार प्रमुखता से प्रकाशित किया इसके बाद यह कार्रवाई हुई।

काबिलेगोर है कि वर्ष 2021 के जुलाई माह मे शासन द्वारा जारी पत्र संख्या - 141/ई-2/171/विविध /स्वा0/2021 दिनांक - 12 जुलाई - 2021 एंव पत्र संख्या - 1404/ई-7/अवर अभियंता /स्वा0 दिनांक - 14 जुलाई - 2021 मे मुख्य अभियंता द्वारा सहायक अभियंता अमोद कुमार, अवर अभियंता संजय कुमार मौर्य, राजेश कुमार सिंह, अवर अभियंता पारसनाथ व अवर अभियंता राकेश कुमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह आदि का स्थानांतरण किया गया था। मजे की बात यह है कि दस माह पूर्व स्थानांतरित हुए सहायता व अवर अभियंताओं का अभी तक कुशीनगर से मोहभंग नही हुआ था। नतीजतन यह सभी अभियंता यहा के अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह के दम पर स्थानांतरण के बाद भी दस माह से कुण्डली मारे बैठे थे। विभागीय सूत्रो की माने तो इन मनबढ अधिकारियों को इनके विभाग के अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह का बदहस्त प्राप्त था। चर्चाओ के बाजार मे इस  बात की चर्चा राजधानी के विभागीय गलियारों मे रही कि अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह अपने आला अफसरों को कुछ नही समझते है। इनकी दबगई और मनबढई का आलम यह रहा कि शासन के स्थानांतरण निर्देश के बावजूद शासन के आदेश को ठेगा दिखाते हुए यह साहब सभी स्थानांतरित अभियंताओं को अपने मर्जी से दस माह तक यहा रोक रखा था और अभियंताओं को कार्य मुक्त नही कर रहे थे। इसके पीछे स्थानांतरित हुए इन सभी अभियंताओ की अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह से कमीशनखोरी की ट्यूनिंग मजबूत होना बताया जा रहा था। 

🔴 युगान्धर टाइम्स के खबर का असर

स्थानांतरण के बावजूद अवैध तरीके से दस माह से यहा जमे सहायक व अवर अभियंताओ की खबर को लखनऊ से प्रकाशित संदेशवाहक समाचार पत्र ने लगातार प्रमुखता से उठाया। बीते 18 अप्रैल की अंक मे युगान्धर टाइम्स व लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्र संदेशवाहक ने " स्थानांतरण के बाद भी जमे है अभियंता " व " स्थानांतरण के बाद दस माह से अवैध तरीके से जमे है सिचाई विभाग के अभियंता "नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर का असर यह रहा कि अधिशासी अभियंता ने आनन-फानन मे सभी आठो सहायक व अवर अभियंताओं को रिलीब कर दिया। दस माह बाद रिलीब हुए अभियंताओं के स्टेशन छोडने पर ठेकेदार व विभागीय सुत्रो ने संदेशवाहक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युगान्धर टाइम्स मे है दम। यहा बताना जरूरी है कि इन अभियंताओं को रिलीफ करने के लिए सांसद विधायक व मंत्री सहित भी शासन को पत्र लिख चुके थे इसके बावजूद यह अभियंता स्थानांतरण के बाद भी अवैध तरीके से यहा जमे हुए थे।

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