सरकारी योजना में धूस का खेल : मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को एंटी करप्शन ने घूस लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार

 

🔴किसानों की समृद्धि के नाम पर रिश्वतखोरी! 30 हजार की घूस लेते मुख्य पशु चिकित्साधिकारी गिरफ्तार

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसानों की समृद्धि के लिए बनी योजना में सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गयी, 30 हजार में बात बनी और जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में आई, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने शिकंजा कस दिया। नतीजतन जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को एंटी करप्शन की टीम ने तीस हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ दबोच लिया। सीवीओ डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी की गिरफ़्तारी के बाद जिले मे हडकंप मच गया।

मामला उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से जुड़ा है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार गुप्ता, निवासी बरवांराजा पाकड़, थाना तुर्कपट्टी का आरोप था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत सरकारी सहायता की धनराशि दिलाने के नाम पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के काफी अनुरोध के बाद कथित तौर पर 30 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय आरोपी अधिकारी को रंगेहाथ पकड़वाना चाहता था। इसके लिए उसने पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, गोरखपुर सेक्टर में लिखित शिकायत की। शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद सतर्कता विभाग ने ट्रैप टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया के निर्देशन में निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को जाल बिछाया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश कुमार गुप्ता 30 हजार रुपये लेकर विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचा। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम ली गई, पहले से मुस्तैद सतर्कता टीम ने छापा मारकर डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया। जिस अधिकारी पर जिले में पशु चिकित्सा सेवाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी थी, उसी पर सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। फिलहाल सतर्कता विभाग की ओर से आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

🔴 कुर्सी बड़ी, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं!

जिले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जैसा महत्वपूर्ण पद संभाल रहे अधिकारी की गिरफ्तारी ने सरकारी विभागों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी पर ही रिश्वत मांगने का आरोप लगे, तो आम किसान अपनी फरियाद लेकर आखिर किसके दरवाजे पर जाए?

🔴 रिश्वतखोरी पर सतर्कता विभाग की चेतावनी

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम के बदले कोई भी लोक सेवक रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत रिश्वत विरोधी हेल्पलाइननंबर 9454401866 और 9454401870 पर की जा सकती है।



Post a Comment

Previous Post Next Post