पहले रिश्वत, फिर भुगतान!’ सलेमगढ़ ग्रामीण बैंक में कैशियर पर वसूली का आरोप, ग्राहक ने आईजीआरएस पर लगाई गुहार

 

🔴ग्रामीण बैंक में रिश्वत का ‘खेल’! भुगतान के एवज में रकम मांगने का आरोप, इनकार पर ग्राहक से बदसलूकी

🔴युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। बैंक में जमा अपनी रकम निकालने के लिए ग्राहक को यदि भुगतान के बदले कथित तौर पर रिश्वत की मांग का सामना करना पड़े, तो सवाल सिर्फ एक कर्मचारी के व्यवहार का नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में आम उपभोक्ता के भरोसे का भी है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के सलेमगढ़ स्थित ग्रामीण बैंक में कैशियर पर भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने और मना करने पर ग्राहक से अभद्रता करने का गंभीर आरोप सामने आया है।

सलेमगढ़ ग्रामीण बैंक से जुड़े मुकुंदपुर, मोहन बसडीला निवासी उपभोक्ता सत्येंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है कि वह बैंक में भुगतान के सिलसिले में पहुंचे थे। आरोप है कि भुगतान करने के एवज में कैशियर द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की गई। श्री मिश्रा के मुताबिक उन्होंने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद कैशियर ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।मामला यहीं नहीं रुका। ग्राहक ने बैंक कर्मचारी के कथित व्यवहार और रिश्वत मांगने की शिकायत आईजीआरएस के माध्यम से क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय, गोरखपुर में दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं के साथ यदि इस तरह का व्यवहार होता है तो इससे बैंक की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।शिकायतकर्ता के अनुसार, कैशियर के कथित व्यवहार को लेकर क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि बैंक उपभोक्ताओं के लिए सुविधा और विश्वास का स्थान होना चाहिए, न कि भुगतान जैसी सामान्य बैंकिंग सेवा के लिए कथित रूप से अतिरिक्त रकम देने का दबाव झेलने की जगह। बड़ा सवाल यह है कि क्या क्षेत्रीय प्रबंधन इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी? फिलहाल शिकायत आईजीआरएस के माध्यम से उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं।

🔵 रिपोर्ट - संयोग श्रीवास्तव 

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