सरकारी जमीन पर टेढ़ी नजर वालों की खैर नहीं, राजस्व विभाग ने गांव-गांव खींची सीमारेखा

 

🔴अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप, 35 से अधिक गाटा और चकमार्गों की हुई पैमाइश

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जनपद में सार्वजनिक भूमि और चकमार्गों पर अवैध कब्जों के खिलाफ राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी पडरौना आशुतोष के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत विभिन्न राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों में 35 से अधिक गाटा संख्याओं एवं चकमार्गों की पैमाइश और सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रशासन की इस मुहिम से उन लोगों में हड़कंप मचा है जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि और चकमार्गों पर कब्जा जमा रखा है।

राजस्व विभाग की टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर अभिलेखों के अनुसार भूमि की स्थिति का सत्यापन कर रही हैं। पैमाइश के बाद भूमि एवं चकमार्गों का चिन्हांकन कर उन्हें संबंधित ग्राम प्रधानों को सुपुर्द किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके।

पकड़ियार क्षेत्र में छह गाटों की पैमाइश

राजस्व निरीक्षक क्षेत्र पकड़ियार के अंतर्गत मन्डार बिंदवलिया, खानू छपरा, चखनी पूरनछपरा, पकड़ियार एवं कुर्मीपट्टी गांवों में कुल छह गाटा संख्याओं की पैमाइश कर सीमांकन किया गया। नौरंगिया क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव स्थित गाटा संख्या 193 की पैमाइश कर उसकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया गया।


विशुनपुरा में सबसे अधिक कार्रवाई

विशुनपुरा क्षेत्र में सात गाटा संख्याओं की पैमाइश की गई। जंगल जगदीशपुर, मिश्रौली, सरपतही बुजुर्ग, माधवपुर गौसही, पटैरा खुर्द और दान्दोपुर गांवों में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन कार्य संपन्न कराया। कुबेरस्थान क्षेत्र के पड़री, भागड़ा, पिपरा जटामपुर और घोरघटिया गांवों में पांच गाटा संख्याओं की पैमाइश की गई। वहीं सिंगहा क्षेत्र के पिपरा खुर्द, हरपुर माफी, सिंगहा, विजयी छपरा और मोतीपुर गांवों में भी पांच गाटा संख्याओं का सीमांकन किया गया।

चकमार्गों को कराया गया चिन्हित

रवींद्रनगर क्षेत्र के नादह, चौपरिया, हरैया खुर्द और धरमपुर बुजुर्ग गांवों में चार चकमार्गों का चिन्हांकन कर उन्हें ग्राम प्रधानों को सौंप दिया गया। वहीं पडरौना क्षेत्र के सुरुकपुरा, केवलछपरा, लमुहा और कठकुइयां गांवों में पांच चकमार्गों की पैमाइश कर सीमांकन सुनिश्चित किया गया। इसी तरह जंगल खिड़किया क्षेत्र के पटेरिया आबादकारी गांव में चकमार्ग संख्या 232 की पैमाइश कर उसका सीमांकन पूरा किया गया और संबंधित ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर दिया गया।

अतिक्रमण मुक्त होंगे चकमार्ग

राजस्व अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक भूमि और चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना, ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि की वास्तविक स्थिति सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




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