सिलेंडर पहुंचा, जेब कटी! कुशीनगर में गैस वितरण के नाम पर लाखों की अतिरिक्त वसूली

 

🔴गैस एजेंसी का 22.50 रुपये अतिरिक्त वसूली : हर ट्रक से हजारों, हर महीने लाखों की कमाई 

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जिले में घरेलू गैस सिलेंडर वितरण के दौरान उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली किए जाने को लेकर शासन-प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सिलेंडर के निर्धारित मूल्य 987.50 रुपये होने के बावजूद गैस एजेंसियों द्वारा प्रति सिलेंडर 1010 रुपये वसूल जा रहे हैं। यानी हर सिलेंडर पर 22 रुपये 50 पैसा  अतिरिक्त लिया जा रहा है जब इसके पीछे के पूरा गणित पर गौर करेगें तो मामला लाखों रुपये की कथित अवैध कमाई तक पहुंच जाता है।

जानकारों के मुताबिक एक ट्रक में लगभग 400 घरेलू गैस सिलेंडर आते हैं। इनमें से करीब 300 सिलेंडरों का वितरण किया जाता है। इस हिसाब से यदि प्रति सिलेंडर साढे बाइस रुपये अतिरिक्त वसूले जाएं, तो एक ट्रक से लगभग 6750 रुपये की अतिरिक्त रकम वसूल की जा रही है। इसी तरह यदि महीने में औसतन 25 ट्रक आते हैं और करीब 10 हजार के सापेक्ष 8 हजार सिलेंडरों का वितरण होता है, तो गणित के अनुसार हर महीने लगभग 1.80 लाख रुपये की  अतिरिक्त वसूली उपभोक्ताओं से की जा रही है।

🔴 छोटी रकम बडा खेल

उपभोक्ताओं का कहना है कि होम डिलीवरी, ढुलाई और मजदूरी सहित अन्य खर्च निर्धारित कीमत में शामिल होते हैं। इसके बावजूद अलग से अतिरिक्त रकम ली जाती है और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जाती।ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में अधिकांश लोग विवाद से बचने के लिए अतिरिक्त पैसे देने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि रसोई गैस पहले ही महंगी है, ऐसे में प्रति सिलेंडर अतिरिक्त 20-25 की वसूली गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है।


🔴सवालो के घेरे मे पूर्ति विभाग और प्रशासन 

 सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। यदि जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, जिला पूर्ति विभाग और तेल कंपनियों से गैस वितरण व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उपभोक्ताओं ने  कहा कि प्रत्येक डिलीवरी वाहन पर रेट सूची अनिवार्य रूप से चस्पा कराई जाए तथा अतिरिक्त वसूली पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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