🔴 जनता लाइन में बेहाल, दुकानों पर हर दो दिन में बदल रहा सिलेंडर
🔵कुशीनगर में बड़ा खेल
🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। जनपद में इन दिनों घरेलू गैस की भारी किल्लत से आम जनता त्रस्त है। हालात यह हैं कि उपभोक्ता भोर से ही गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन घंटों मशक्कत के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। आक्रोशित लोग सरकार और व्यवस्था दोनों को कोसते नजर आ रहे हैं। पडरौना नगर से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जो इस संकट के पीछे चल रहे ‘काले खेल’ की पोल खोल रही है। बुढ़िया माई मंदिर के बगल में संचालित पकौड़ी दुकानों पर खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। यह न केवल नियमों की खुली धज्जियां उड़ाने जैसा है, बल्कि आम जनता के हिस्से की गैस पर भी डाका डालने के समान है।
🔴लाइन में जनता, दुकानों पर ‘नो टेंशन’
एक तरफ आम उपभोक्ता 20-25 दिन तक बुकिंग के बाद गैस के लिए तरस रहे हैं, वहीं इन दुकानों पर गैस की सप्लाई इतनी ‘स्मूद’ है कि हर दो दिन में नया सिलेंडर बदल दिया जाता है। यह व्यवस्था अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
🔴 कहां से आ रहे हैं इतने सिलेंडर?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब गैस एजेंसियों के पास आम लोगों को देने के लिए सिलेंडर नहीं हैं, तो फिर इन दुकानदारों को लगातार सप्लाई कौन और कैसे दे रहा है? क्या इसके पीछे कोई संगठित ‘सिलेंडर सिंडिकेट’ काम कर रहा है? या फिर जिम्मेदारों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है?
🔴 पूरा जिला चपेट में
पडरौना नगर के बुढ़िया माई मंदिर के समीप स्थित पकौड़ी के दुकानो के यह कारनामे महज एक बानगी है। जिले के कसया, हाटा, तमकुहीराज और सेवरही जैसे इलाकों में होटल और दुकानों पर बेखौफ घरेलू गैस का व्यावसायिक दुरुपयोग धड़ल्ले से जारी है। यानी यह समस्या अब पूरे जिले में फैल चुकी है।
🔴 प्रशासन बना मूकदर्शक?
इतने बड़े पैमाने पर हो रहे इस खेल के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जिम्मेदार विभाग को इसकी भनक नहीं है, या फिर जानबूझकर धृतराष्ट्र बने बैठे हैं? यही वजह है कि आम उपभोक्ता यह जानना चाहता है कि उसके हिस्से की गैस आखिर जा कहां रही है? और इस पूरे खेल में कौन-कौन शामिल है?
🔴 तत्काल कार्रवाई की जाए
जानकारों का कहना है कि समय रहते प्रशासन द्वारा इस ‘सिलेंडर खेल’ पर लगाम नहीं लगायी गयी , तो हालात और भयावह हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।




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