🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबे समय से सुलग रहा ‘आउटसोर्सिंग तैनाती’ का विवाद अब निर्णायक अंजाम की ओर बढ़ता दिख रहा है। सबब यह है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी सर्वेश्वर तिवारी उर्फ सोनू तिवारी का मामला अब जिला और मंडल स्तर की सीमाएं लांघकर शासन तक पहुंच गया है। नतीजतन शिक्षा निदेशक ने सख्त आदेश जारी कर सर्वेश्वर तिवारी उर्फ सोनू तिवारी को तत्काल प्रभाव से डीआईओएस कार्यालय से हटाने का फरमान जारी किया है। निदेशक के इस आदेश ने न सिर्फ डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि उन तमाम सवालों को भी हवा दे दी है, जो अब तक दबे हुए थे आखिर किसके संरक्षण में एक आउटसोर्स कर्मचारी नियमों को ठेंगा दिखाकर जिला स्तरीय कार्यालय में जमे रहा?
निदेशक के आदेश के बाद अब यह साफ हो गया है कि मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे की पूरी ‘चेन’ जांच के घेरे में आ सकती है। सूत्र बताते है कि शिक्षा निदेशक के आदेश का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। जानकार बताते है कि शिक्षा निदेशक के आदेश ने यह साफ कर दिया है कि शासन अब इस मामले में ‘नो टॉलरेंस’ की नीति पर है।नियमों के विरुद्ध चल रही व्यवस्थाओं को अब बख्शा नहीं जाएगा।




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