बड़ा दरबार पर कानूनी शिकंजा : शरद कुमारी देवी समेत 15 लोगो पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज - Yugandhar Times

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Thursday, February 12, 2026

बड़ा दरबार पर कानूनी शिकंजा : शरद कुमारी देवी समेत 15 लोगो पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

 


🔵पुश्तैनी ज़मीन पर राजदरबार से टकराव, हाई-प्रोफाइल नामों पर एफआईआर दर्ज,बना चर्चा का विषय 

🔴कोर्ट के आदेश पर  बड़ा दरबार से जुड़े लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा

🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। पडरौना का बड़ा दरबार आनंद भवन इन दिनों कानूनी जंग में तब्दील हो गया है। न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली पडरौना पुलिस ने राज परिवार की सदस्य शरद कुमारी देवी सहित पन्द्रह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हाई-प्रोफाइल नामों के शामिल होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढा दी है।

बतादे कि पडरौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जंगल बेलवा टोला चौरसिया स्थित आराजी संख्या 604, रकबा 1.2830 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। वादी सुरेन्द्र यादव का कहना है कि उक्त जमीन उनके पूर्वजों की पुश्तैनी संपत्ति है और आजादी से पहले से उनके परिवार का कब्जा रहा है। पिता की मृत्यु के बाद विधिवत वरासत के जरिए जमीन उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। कई फसली वर्षों के इंतखाप भी उनके पास मौजूद हैं। सुरेन्द्र यादव का आरोप है कि शरद कुमारी देवी, पुत्री राजा अनिरुद्ध प्रताप नारायण सिंह, निवासी राजदरबार पडरौना, ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची और धोखाधड़ी के जरिये जमीन का बैनामा करा लिया। आरोप है कि गिरिजेश कुमार जायसवाल, सज्जाद अली, मनीष जायसवाल, संजीव जायसवाल, सूर्यप्रकाश शुक्ला, सतीशचन्द्र कुशवाहा समेत अन्य लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराई गई।वादी का यह भी कहना है कि बैनामों में कूटरचना कर दस्तावेज तैयार किए गए और गवाहों ने यह जानते हुए हस्ताक्षर किए कि जमीन विवादित है। मामले में कई गवाहों को भी आरोपी बनाया गया है।

🔴पलटवार से तेज हुई जंग

कहना ना होगा कि बीते माह इसी प्रकरण में शरद कुमारी देवी की तहरीर पर सुरेन्द्र यादव समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। अब न्यायालय के आदेश पर दर्ज इस नए मुकदमे ने मामले को सीधी टक्कर में बदल दिया है। शहर में इसे “पलटवार की एफआईआर” के तौर पर देखा जा रहा है।

🔴जांच की कसौटी पर राजस्व रिकॉर्ड

पुलिस का कहना है कि मुकदमा न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ है और विवेचना में राजस्व अभिलेख, बैनामा दस्तावेज, इंतखाप, गवाहों के बयान और कब्जे की स्थिति की बारीकी से जांच की जाएगी।

🔴सवालों के घेरे में हाई-प्रोफाइल जमीन

बड़ा दरबार से जुड़ी जमीन पर उठे इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह पुरानी रंजिश का परिणाम है? क्या बैनामों में सचमुच कूटरचना हुई? या फिर यह स्वामित्व के दावों की जटिल कानूनी लड़ाई है? फिलहाल जिले मे इस बात को लेकर चर्चा जोरो पर है कि यह मामला आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का कारण बन सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनो मुकदमे को लेकर क्या गुल खिलाती है?



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