कुशीनगर में मनरेगा घोटाला: मजदूर गायब, सरकारी धन की लूट - Yugandhar Times

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Tuesday, January 20, 2026

कुशीनगर में मनरेगा घोटाला: मजदूर गायब, सरकारी धन की लूट

 

🔵मनरेगा का सच: रोजगार गारंटी योजना चढी भ्रष्टाचार की भेंट 

🔴मनरेगा बना अफसर-प्रधान का एटीएम मशीन, सरकारी धन की लूट का खुला खेल 

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर।जनपद के विशुनपुरा ब्लॉक के ग्राम सभा सिंगापट्टी में मनरेगा योजना के तहत चल रहे मिट्टी कार्य में खुला भ्रष्टाचार और घोटाला उजागर हुआ है।मौके की तस्वीरें और ग्रामीणों की गवाही इस बात को चीख-चीख कर ढिंढोरा पीट रही हैं कि सरकारी योजनाओं का पैसा अब लालफीताशाही और अधिकारियों की लूट का जरिया बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि काम के नाम पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं, फिर भी मनरेगा पोर्टल पर 137 मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिखाई जा रही है। ऐसे मे कहना मुनासिब है कि फर्जी हाजिरी,बिना काम भुगतान और धन का बंदरबांट होना न सिर्फ भ्रष्टाचार है बल्कि गरीब मजदूरों के हक की खुली लूट और कानून का उल्लंघन भी है

बतादे के महात्मा गांधी रोजगार योजना (मनरेगा) का मुख्य उद्देश्य गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराकर शहरों की ओर मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकना व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मनरेगा के तहत गांव मे मिट्टी कार्य, तालाब, पोखरा, चकमार्ग, जलसंरक्षण, सिंचाई वृक्षारोपण, भूमि सुधार जैसे कार्य कराने का प्राविधान है ताकि लंबे समय तक गांव के लोगो लाभ मिल सके। 

🔴जमीन पर मजदूर नदारत, कागजों मे खेल

सिंगापट्टी गांव की बात करे तो 16 जनवरी को बांसी पिच से मदन गुप्ता के खेत तक चकमार्ग पर 24 मजदूर , हरीश कुशवाहा के घर से गंभीरिया बॉर्डर पिच पटरी पर 68 मजदूर और बंसी टोला से रामघाट बॉर्डर तक 39 मजदूरो से मिट्टी कार्य करवाने का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कोई काम नहीं हुआ और ना ही इन साइडो पर कोई मजदूर 16 जनवरी को दिखाई दिये। यह बात दीगर है कि कागजों और फोटो के खेल मे फर्जी मजदूरी व अन्य खर्च के नाम पर लाखो रुपये जेब मे भरने का खेल चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए फोटो खिंचवाई जाती हैं, और कागजों में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन को बडी ही चतुराई से बेखौफ लूटा जा रहा है। इस पूरे खेल में रोजगार सेवक, पंचायत प्रतिनिधि और ब्लाक से लगायत जिले के मनरेगा अधिकारी की संलिप्तता बतायी जा रही है, जो गरीब मजदूरों के हक पर खुलेआम डाका डाल रहे हैं।

🔴ग्रामीणों का आक्रोश

आक्रोशित ग्रामीण कहते हैं "हमारे पसीने और मेहनत का पैसे को अधिकारी फोटो और कागजों के खेल खेलकर   चट कर रहे हैं। मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा, सिर्फ उनके नाम पर धन की लूट की जा रही  है।"


🔴 डीसी मनरेगा बोले

इस संबध मे डीसी मनरेगा राकेश कुमार से बातचीत किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान मे और वह इसकी जांच करा रहे है। उन्होंने अश्वस्त किया किया दोषी किसी कीमत पर बक्शे नही जायेगें। अब देखना दिलचस्प होगा कि दोषियों के विरुद्ध डीसी मनरेगा कार्रवाई करते है या फिर हर जांच की फाइल दफ्तर के घूस दबकर रह जाती है। 

🔴प्रदेश मे हुए मनरेगा घोटाले मे की गयी कार्रवाई नजीर है नजारा नही

सूबे के बरेली में मनरेगा में फर्जीवाड़ा करते पाए जाने पर ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार तुरंत सीज़ कर दिए गए। दोषी ग्राम प्रधान के साथ तत्कालीन सचिव छेदा लाल, सचिव शालिनी वर्मा, अजय वंश तथा भगवान दास जैसे कर्मियों के खिलाफ सीडीओ ने डीएम के आदेश पर कार्रवाई किया था। 

🔴कानपुर‑करीमपुर: बीडीओ प्रधान व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज और वसूली

कानपुर‑बिल्हौर के रहीमपुर‑करीमपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजनाओं में लगभग 12 लाख रुपये के घोटाले के मामले मे जांच अधिकारी के रिपोर्ट पर बीडीओ प्रधान व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके साथ ही बीडीओ के खिलाफ निलंबन और तकनीकी सहायक, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गयी थी।  इसके अलावा घोटाले की धनराशि वसूली का निर्देश भी जारी किया गया। इसी कडी मे कानपुर के बिल्हौर ब्लॉक में मनरेगा के फर्जी विकास कार्यों की जांच के बाद ग्राम प्रधान सहित 15 लोगों पर कड़ी कार्रवाई की गई।इन आरोपितों में ग्राम प्रधान, तीन सचिव, दो तकनीकी सहायक, लेखा सहायक एवं अन्य शामिल हैं।

🔴हरदोई: प्रधान समेत 10 कर्मचारियों पर वसूली का आदेश

हरदोई जिले के अजबागजाधरपुर गांव में मनरेगा घोटाले में 45 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता पाई गई। जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधान रीतू समेत दस कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए वसूली के स्पष्ट आदेश जारी किए। 

🔴 साहब! सिंगापट्टी तो एक बानगी

बेशक! विशुनपुरा ब्लाक का सिंगापट्टी गांव एक बानगी है कुशीनगर जिले मे मनरेगा की जमीन पर फर्जीवाड़ा हो रहा है, मजदूरों को दरकिनार किया जा रहा है और सरकारी धन की खुली लूट जारी है। सिंगापट्टी में मनरेगा घोटाले का खुलासा होने के बाद शासन- प्रशासन के जिम्मेदार भ्रष्टाचार की इस फैक्ट्री पर नकेल कसते है या फिर जांच के नाम पर फाइलों को टेबल दर टेबल घुमाकर मामले दफन कर देते है।

🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य 

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