आस्था, परंपरा और उल्लास के संग मनाया गया मकर संक्रांति का महापर्व - Yugandhar Times

Breaking

Friday, January 16, 2026

आस्था, परंपरा और उल्लास के संग मनाया गया मकर संक्रांति का महापर्व

 

🔴भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर लोगों ने सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना

🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। सूर्यदेव के उत्तरायण होते ही जैसे अंधकार ने आत्मसमर्पण कर दिया और उजास ने उत्सव का सिंहासन संभाल लिया।  सूर्य उपासना और ऋतु परिवर्तन के पावन संदेश के साथ मकर संक्रांति के महापर्व पर पूरा जनपद आस्था, परंपरा और उल्लास के महासागर में डूबा नजर आया। भोर की शंखध्वनि,नदियों में आस्था की डुबकी, तिल–गुड़ की मिठास और आसमान में इठलाती रंग-बिरंगी पतंगें, त्योहार की सजीवता और भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश कर रही थी। श्रद्धा,आस्था, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के वातावरण में स्नान–दान के उपरांत भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर लोगों ने सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना की।घर–घर में पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैलती रही। तिल–गुड़, चूड़ा–दही, खिचड़ी और लाई जैसे पकवानों ने पर्व की रौनक को और बढ़ा दिया। मान्यता के अनुसार तिल और गुड़ का सेवन आपसी कटुता को मिटाकर रिश्तों में मधुरता घोलता है, इसी भाव के साथ लोगों ने एक-दूसरे को प्रसाद भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

मंदिरों में विशेष पूजा–अर्चना, हवन और भंडारों का आयोजन किया गया, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण इलाकों में मकर संक्रांति मेले का रूप लेती नजर आई। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पतंगबाजी में मग्न दिखे। रंग–बिरंगी पतंगों से सजा आसमान और उत्साह से गूंजती टोलियां पर्व के उल्लास का सजीव चित्र प्रस्तुत कर रही थीं।

इस अवसर पर सामाजिक सरोकार भी प्रमुखता से उभरे। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने जरूरतमंदों के बीच खिचड़ी, फल, मिठाई और गर्म वस्त्रों का वितरण किया। कहीं सामूहिक भोज तो कहीं सेवा कार्यों के माध्यम से मानवता और भाईचारे का संदेश दिया गया।

🔴जरुरतमंदो मे संयोग ने वितरण किया कंबल

ठिठुरन और हाड कपकपाने वाली ठंड को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं एडवोकेट संयोग श्रीवास्तव ने अपने पैतृक गाँव तरया लच्छीराम मे गरीब एवं असहायों में कंबल वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज भी जहाँ एक तरफ अमीरों की संख्या बढ रही है वही काफी संख्या में गरीबों एवं असहायों की संख्या में भी बृद्धि हो रही है। हमें जरूरत है अपने क्षमता के हिसाब से उनकी मदद करना। ऐसा करने से ही समाज में मानवता कायम रहेगा और सब लोग मिलजुल कर रहेंगे। इस संबंध में पूछने पर कि ये कार्यक्रम कब से चल रहा है उन्होंने कहा कि ये कोरोना काल में शुरू किया गया था जो भगवान् भोलेनाथ के आशीर्वाद से लगातार चल रहा है और जब तक रहेंगे चलता रहेगा। इस दौरान क्षेत्र के ज्योतिषाचार्य अशोक मणि त्रिपाठी, राकेश श्रीवास्तव, ओम्, अवध खरवार, मोहन, रामू गोड, ऋषि, यशराज, सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Responsive Ads Here