अवैध रूप से संचालित हास्पिटल को एसडीएम ने किया सील

 

🔵 चिकित्सक की लापरवाही से नवजात की मौत के बाद डीएम ने बैठाई थी जांच, पाये गये दोषी

🔴सीएमओ के बाबू के संरक्षण मे संचालित हो रहा था हास्पिटल 

🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जनपद के हाटा नगर में अवैध तरीके से संचालित हो रहे पूजा अस्पताल को एसडीएम ने सील कर दिया। यह कार्रवाई बीते दिनों नवजात की मौत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर की गयी जांच में दोषी पाये जाने के बाद  हुई है।  चर्चा-ए-सरेआम है कि सीएमओ कार्यालय में हास्पिटल रजिस्ट्रेशन का पटल देखने वाले बाबू की सह पर यह अस्पताल संचालित हो रहा था। क्यों कि अफसरों के सामने बार-बार संचालक बाबू का नाम ले रहा था।

काबिलेगौर है कि रामकोला थाना क्षेत्र के सिधावें गांव के रइयापार टोला  निवासी सुनील यादव की पत्नी शीतल हाटा नगर के वार्ड संख्या - पांच में रहने वाली अपने रिश्तेदार के घर आई थी। 28 जुलाई की रात को प्रसव पीड़ा होने पर घर वाले नगर के पूजा अस्पताल में लेकर पहुंचे। रात को ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही के वजह से नवजात की मौत हो गई। इसके बाद तीमारदारों ने हास्पिटल पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर पुलिस रात मे ही हास्पिटल पहुंची और संचालक को कोतवाली ले गई। बाद में छोड़ दिया। मामले की जानकारी जब जिलाधिकारी रमेश रंजन को हुई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए हाटा एसडीएम हीरालाल को जांच करने का निर्देश दिया। एसडीएम की जांच में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया था। जिन डॉक्टरों का बोर्ड लगा था। वह भी जांच के दरम्यान मौक पर नहीं मिले। इस दौरान संचालक बार-बार एसडीएम से सीएमओ कार्यालय प्राइवेट हास्पिटल का पंजीकरण देखने वाले पटल के बाबू का नाम ले रहा था। एसडीएम हीरालाल ने अवैध रूप से  संचालित पूजा हास्पिटल को सील कर दिया। मौके पर नायब तहसीलदार आशीष रंजन, डॉ. प्रशांत मल्ल, लेखपाल हरिश्चन्द्र सिंह, संजीवन मिश्रा, रामेन्द्र मणि त्रिपाठी मौजूद रहे। 

🔴 एसडीएम बोले

एसडीएम हीरालाल बताया कि जांच में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन समाप्त मिला। जिन डॉक्टरों के नाम पर रजिस्ट्रेशन था। वह डॉक्टर भी नहीं मिले। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।

🔴सीएमओ कार्यालय का बाबू का शह चर्चा मे

जिले में बिना रजिस्ट्रेशन अस्पताल का संचालन सीएमओ कार्यालय में तैनात बाबू की मेहरबानी से हो रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की भी मिलीभगत है। इसके पूर्व भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। पूजा अस्पताल सील करने के दौरान सीएमओ कार्यालय के बाबू का नाम चर्चा में आया है। जानकारों का कहना है कि अवैध रूप से बेखौफ चल रहे हास्पिटलो की जांच मजिस्ट्रेट से करायी जाये  तो अवैध अस्पतालों को किसका संरक्षण प्राप्त है उसकी पोल खुल जायेगी।



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