नही रहे सूबे के पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी

🔵गोरखपुर स्थित अपने आवास पर ली अंतिम सांस, कल होगा अतिंम संस्कार 

🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

गोरखपुर। दशकों तक पूर्वांचल की सियासत में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री व बाहुबली नेता पंडित हरिशंकर तिवारी नही रहे मंगलवार को उनका निधन हो गया।  उन्होंने गोरखपुर स्थित आवास (हाता) में अंतिम सांस ली। हरिशंकर तिवारी की गिनती यूपी के बाहुबली व कद्दावर नेताओं में होती थी। उनके निधन की सूचना से समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है । हाता पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे हैं । हरिशंकर तिवारी लम्बे समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे। वह अस्वस्थ चल रहे थे।उनका अंतिम संस्कार कल यानी बुधवार को होगा।

गौरतलब है कि गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का इतिहास खंगालने पर वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी का नाम बार-बार उभरकर सामने आता है। हरिशंकर तिवारी इस सीट से लगातार 22 वर्षों (1985 से 2007) तक विधायक रहे हैं।पहला चुनाव उन्होंने 1985 में निर्दलीय लड़ा था, फिर अलग-अलग राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतते रहे हैं। तीन बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते व यूपी सरकार में मंत्री भी बने थे।

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार  शाम को तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों की टीम ने हाता पहुंचकर हरिशंकर तिवारी की चिकित्सकीय जांच की। शाम तकरीबन सात बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली। हरिशंकर तिवारी 1997 से 2007 के बीच पांच सरकारों में मंत्री रहे । वह पूर्वांचल के ब्राह्मण सियासत का अहम चेहरा रहे। कांग्रेस में इंदिरा गांधी के जमाने जेल से निर्दलीय चुनाव जीत कर उन्होंने इतिहास रच दिया था। इसके बाद उनका सियासी सफर कई दशक तक जारी रहा। इस दौरान वह कल्याण सिंह से लेकर मायावती और मुलायम सिंह यादव की सरकार तक मंत्री रहे।

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