नये साल पर कुशीनगर मे लगा मेला, दिनभर रही चहल-पहल

🔴 बौद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप, मुख्य मंदिर सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर लोगो ने किया भ्रमण

🔴 युगान्धर टाइम्स न्यूज व्यूरो 

कुशीनगर । नववर्ष के जश्न में शनिवार को सभी सराबोर नजर आए। शुक्रवार की मध्य रात्रि से ही आतिशबाजी और गीत-संगीत का जो कार्यक्रम शुरू हुआ, वह शनिवार को भी जारी रहा। सुबह कुशीनगर के बौद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप, मुख्य मंदिर सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर भ्रमण के अलावा लोगों ने मदनपुर देवी मंदिर में पूजा-अर्चना से नववर्ष की शुरुआत की। रामकोला का विश्वदर्शन मंदिर और पनियहवां पुल भी पिकनिक स्पॉट के रूप नजर आया। वहां काफी संख्या में लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया। 

हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नववर्ष मेला संपन्न हो गया। सुबह से देर शाम तक लोगों की चहल-पहल रही। गोरखपुर मंडल सहित बिहार से भी आए लोगों ने कुशीनगर के वर्मी स्तूप, मुख्य मंदिर, माथा कुंवर मंदिर और रामाभार स्तूप तक पैदल चलकर महात्मा बुद्ध के दर्शन-पूजन किए। मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन काफी सतर्क दिखा। मुख्य गेट से रामाभार स्तूप तक जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। सुबह से ही मुख्य मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी, जो देर शाम तक रही। लोगों ने वर्मी स्तूप, माथा कुंवर मंदिर और रामाभार स्तूप पर कतारबद्ध होकर दर्शन किए। इस दौरान प्रवेश वाले स्थलों पर लोगों की जांच भी की जा रही थी। मेले में आगंतुकों के लिए महात्मा बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा आकर्षण की केंद्र रही।

🔴 सुबह से शुरू हुआ लोगो के आने का सिलसिला

 महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर मे सुबह से ही युवक-युवतियों एवं नवदंपतियों का आना शुरू हो गया था। महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप तक सेल्फी लेने का दौर भी चलता रहा। दोपहर बाद मेले में भीड़ बढ़ती गई। मुख्य गेट से माथा कुंवर मंदिर तक खान-पान की व्यवस्था प्रतिबंधित कर दी गई थी। माथा कुंवर मंदिर से लेकर आगे तरह-तरह के फास्ट फूड, बेकरी, आइसक्रीम के अलावा खिलौनों की दुकानें लगाई गई थीं। मेले में संदिग्ध दिखाई देने वाले युवकों से पूछताछ भी की जा रही थी। बिड़ला धर्मशाला में कंट्रोल रूम बनाकर खोया-पाया केंद्र से लगातार मेले में हर गतिविधियों की सूचना दी जा रही थी।

🔴 मेले की झलकियां

प्रशासन की ओर से मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरा इंतजाम किया गया था। इसके तहत मुख्य प्रवेश द्वार पर ही जांच के लिए पुलिस तैनात रही। डॉग स्क्वॉड की टीम भी मेला परिक्षेत्र का भ्रमण कर संदिग्ध वस्तुओं की जांच करते हुए देखी गई। बिड़ला धर्मशाला में प्रशासनिक अफसरों की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया था। वहां एसडीएम, तहसीलदार ईओ नगरपालिका परिषद, एसओ आदि मेले की व्यवस्था की मानीटरिंग कर रहे थे। इसके अलावा पुलिस के आला अफसरों ने दोपहर बाद मेला परिक्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लिया। इन अफसरों ने महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप, मांथा कुंवर मंदिर समेत पूरे क्षेत्र की मानीटरिंग की।

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