योगी के " ट्रिपल टी " फार्मूले का दम, यूपी मे कराना हुआ बेदम

🔴 कोरोना के तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी पूरी है

🔴 मीडिया से रूबरू होकर कोरोना पर किया ब्रीफ

🔴 युगान्धर न्यूज व्यूरो 

कुशीनगर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश भर में कोरोना के खिलाफ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो लड़ाई शुरू हुई थी अब उसके सार्थक परिणाम आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा लगता था कि कोरोना महामारी एक बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले लेगी। विशेषज्ञों ने कहा था उत्तर प्रदेश जो देश की आबादी का सबसे बड़ा प्रदेश है यहा10 मई तक 30 लाख से अधिक एक्टिव केस होगे लेकिन सरकार ने सभी के सहयोग से कार्य किया। जिसका परिणाम यह है कि 26 तारीख तक 62 हजार एक्टिव बचे है। हमने इस लडाई और अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निर्वहन किया है। सीएम ने कहा हर व्यक्ति का जीवन और जीविका को बचाना ही सरकार का उद्देश्य है

सीएम योगी मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार मे मीडिया ब्रीफिंग में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होने कहा कि हम लोगों ने ट्रेस, टेस्ट और ट्रीटमेंट जैसे " ट्रिपल टी " के फार्मूले पर आगे बढे। निगरानी समिति को गांव मे भेजकर स्क्रीनिंग करवाई। नतीजा यह हुआ कि हालात काबू मे है। सीएम ने कहा कि उ0प्र0 आज 4 करोड 77 लाख से अधिक टेस्ट कर चुका है। पिछले चौबीस घंटे मे 3 लाख 57  हजार कोविड टेस्ट हुए है। उन्होने कहा कि 80 हजार वेटिंलेटर युक्त बेड्स की क्षमता का विस्तार किया गया। आने वाले समय मे हर जनपद आक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर रहेगा। योगी ने कहा कि तीसरी लहर की तैयारी भी अभी से शुरू हो गयी है इसके साथ कुशीनगर जनपद इन्सेफलाइटिस के लिए भी अति संवेदनशील है इससे निपटने के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गयी है। हर जनपद में पीआईसीयू और एनआईसीयू बेड्स के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। ऑक्सीजन प्लांट निर्माण की तरह एक एक हॉस्पिटल्स को गोद लेने के लिए जनप्रतिनिधियों से कहा गया है।

🔴कोरोना और इंसेफेलाइटिस के मद्देनजर संवेदनशील है कुशीनगर

 सीएम योगी ने कहा कि  कुशीनगर कोरोना एवं इंसेफ्लाइटिस की दृष्टि से आति संवेदनशील जनपद की श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मौसम एवं असमय  बारिश की वजह से  सतर्क रहना बहुत जरूरी है। हमारी कोरोना प्रबंधन की नीति सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। कोरोना के बाद कि कॉम्प्लिकेशन हेतु पोस्ट कोविड वार्ड हर जनपद में स्थापित किये जा रहे हैं। हर उस जनपद में ब्लैक फंगस के उपचार की व्यवस्था की जा रही है।  उन्होने कहा कि महिला और बच्चे के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था, उपचार के लिए अलग से अस्पताल तथा पीकू एवं मिनी पीकू वार्ड की स्थापना की जा रही है। स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा  रहा  है। इस प्रकार की कार्यवाही आगें इंसेफेलाइटिस, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया आदि को भी रोकने में मदद करेंगी। 

🔴 1 जून से सभी जनपदो मे शुरू होगा 18 वर्ष से ऊपर आयु वालो का टीकाकरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदो मे 18 वर्ष से उपर आयु वाले लोगो का वालों का टीकाकरण 1 जून से शुरू हो जाएगा। मीडियाकर्मी एंव न्यायिक अधिकारियों का अलग बूथ बनाने की बात दोहराते हुए मीडिया को इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए अपील किया लोगों के अन्दर सकारात्क उर्जा का संचार करने मे योगदान दे।  मुख्यमंत्री ने हाई रिस्क कैटेगरी के लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी। 60 वर्ष से उपर के बुजुर्ग व दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाए, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले तथा एक से अधिक बीमारी से ग्रस्ति व्यक्तियों को सतकर्ता बरतने व घर मे सुरक्षित रहने की सलाह दी।

🔴 स्पेशल बूथ लगाकर अभिभावकों का होगा टीकाकरण

वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार ने तय किया है कि 12 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को स्पेशल बूथ डेवलप करके उन्हें वैक्सीन की सुरक्षा कवच देंगे। सीएम योगी ने कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों की निगरानी और उनसे संवाद कैसे होता है, इसकी जानकारी ली। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का हौसला भी बढ़ाया। इस दौरान सीएम ने कहा- गंभीर मरीजों को लेकर कोई भी लापरवाही न बरती जाए।मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार द्वारा निगरानी और मोहल्ला समितियों का गठन कर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने के साथ साथ दवा वितरण का काम किया गया। कोरोना की पहली लहर में प्रदेश के 36 ऐसे जनपद थे जहां पर एक भी वेंटिलेटर व ऑक्सिजन युक्त बेड नहीं था। आज की स्थिति में सभी जनपदों में ऑक्सिजन युक्त वेंटिलेटर बेड मौजूद है। मुख्यमंत्री ने जनपद में जनप्रतिनिधियों द्वारा निधि से ऑक्सिजन प्लांट लगाए जाने का भी जिक्र किया। प्रदेश में कोरोना के घटते मामलों पर मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के कार्यो की सराहना की। उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कहा कि अब सरकार पूरी तरह से तैयार है। यह लहर आने से पहले हर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को 100 बेड अतिरिक्त उपलब्ध कराए जाएंगे।



Post a Comment

0 Comments