चित्रगुप्त मंदिर में साजिश का खेल ! असमाजिक तत्वो ने फाडा फ्लैश बोर्ड, भड़का जनाक्रोश

 

फ्लैश बोर्ड फाडते हुए असमाजिक तत्व का वीडियो आया सामने, अतुल श्रीवास्तव (गायत्री परिवार वाले) ने कृत्य को दिया है अंजाम

 चित्रगुप्त मंदिर, आस्था बनाम स्वार्थ 

🔵युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर। जनपद के पडरौना नगर के श्रीचित्रगुप्त मंदिर परिसर में चित्रगुप्त मंदिर समिति द्वारा 9 अप्रैल को लगाए गए प्रशासनिक /कैंप कार्यालय एवं भगवान श्री चित्रगुप्त के फ्लैश बोर्ड को असमाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने मामला प्रकाश मे आया है। मंदिर समिति ने इसे महज मंदिर की संपत्ति का क्षतिग्रस्त नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश करार देते हुए सीधे तौर पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश बताया है।


चित्रगुप्त मंदिर समिति के अध्यक्ष व पूर्व चेयरमैन नरेन्द्र वर्मा ने बताया कि विधिवत रूप से स्थापित किए गए फ्लैश बोर्ड को कुछ असामाजिक एवं स्वार्थी तत्वों ने निशाना बनाते हुए फाड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर समिति के संज्ञान में जो तथ्य आए हैं, उसमे एक एनजीओ से जुड़े संरक्षक प्रकाश श्रीवास्तव का नाम सामने आ रहा है, जिनके उकसावे/प्रेरणा पर गायत्री परिवार से जुड़े अतुल श्रीवास्तव द्वारा इस कृत्य को अंजाम दिया गया। समिति का दावा है कि इस घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जो अतुल श्रीवास्तव के कुकृत्यो को उजागर कर रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने साफ कहा है कि जिस भूमि को लेकर यह विवाद खड़ा किया जा रहा है, वहां पहले ही शिवलिंग स्थापना के लिए विधिवत भूमि पूजन कराया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ लोग मंदिर की पवित्र भूमि पर निजी लाभ के उद्देश्य से विधायक निधि से काम्प्लेक्स व अन्य निर्माण कराने की साजिश रच रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चित्रगुप्त मंदिर समिति ने इस घटना को धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि मंदिर की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा। समिति ने स्पष्ट किया कि उसका एकमात्र उद्देश्य कमंदिर का विकास, संरक्षण और सुचारु व्यवस्था है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व इसे राजनीतिक और आर्थिक लाभका साधन बनाना चाहते हैं। चित्रगुप्त मंदिर समिति ने पडरौना नगर सहित जिले के सनातनी व सर्वसमाज से अपील करते हुए कहा कि स्वार्थी तत्वो को पहचानें जो निजी स्वार्थ के लिए मंदिर की पवित्र भूमि पर गिद्ध दृष्टि जमाये बैठे है इनके खिलाफ एकजुट हो। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सर्व समाज मंदिर की भूमि और आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दास्त नही करेगा। जरुरत पडने पर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।



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