🔴जिम्मेदारो के गैरजिम्मेदाराना कार्य प्रणाली ने किया 700 छात्रों का भविष्य चौपट: विद्यालय पर गिरी गाज
🔴700 छात्रों के आवेदन में बड़ा खेल, तुलसीदास इंटर कॉलेज का पत्राचार केंद्र निरस्त
🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। जनपद में पत्राचार शिक्षा के नाम पर चल रहे खेल का पर्दाफाश होने के बाद गंभीर अनियमितताओं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने के आरोप में पडरौना नगर मे संचालित गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, का पत्राचार पंजीकरण केंद्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। कहना ना होगा कि सत्र 2025-26 में करीब 700 छात्रों के आवेदन पत्रों में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद अपर शिक्षा निदेशक पत्राचार शिक्षा ने यह कड़ा फैसला लिया है।
बतादे कि मामले की जांचोपरांत माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के निर्देश पर गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के खिलाफ निलंबन व मुकदमा दर्ज की कार्रवाई की जा चुकी है। जांच में यह पाया गया कि बड़ी संख्या में आवेदन पत्रों में जरूरी अभिलेख गायब थे, कई दस्तावेजों में अंतर था और नियमों के अनुसार सत्यापन भी नहीं किया गया।इतना ही नहीं, कई छात्रों द्वारा निर्धारित समय सीमा में शुल्क जमा न करने के बावजूद उनके आवेदन भेज दिए गए, जबकि नियमानुसार ऐसा करना पूरी तरह अवैध है। जांच में यह भी सामने आया कि नियमानुसार हर छात्र का चालान अलग-अलग जमा होना चाहिए, लेकिन यहां सभी छात्रों का चालान एक साथ जमा कर दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। इसके अलावा वर्ष 2024 के पंजीकरण आवेदन भी समय से विभाग को नहीं भेजे गए, जिसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है।
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि कई आवेदन पत्रों पर प्रधानाचार्य के बजाय प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के हस्ताक्षर पाए गए। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए उन्हे निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।
🔴कैसे फंसा 700 छात्रों का भविष्य?
बताया जा रहा है कि पत्राचार पंजीकरण और परीक्षा से संबंधित औपचारिकताओं में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। समय से ऑनलाइन प्रविष्टियां, सत्यापन और आवश्यक अभिलेख अपलोड नहीं किए गए। आरोप है कि नोडल अधिकारी ने निगरानी में कोताही बरती, जबकि प्रधान लिपिक स्तर पर कागजी कार्रवाई में भारी चूक हुई।जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जो अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी निभाता है, समय रहते खामियों को पकड़ने और सुधारने में विफल रहा। परिणामस्वरूप बोर्ड स्तर पर छात्रों का प्रवेश पत्र जारी ही नहीं हो सका।
🔴अपर शिक्षा निदेशक पत्राचार का ने किया आदेश
अपर शिक्षा निदेशक पत्राचार शिक्षा संस्थान प्रयागराज सीएल चौरसिया द्वारा गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को संबोधित जारी आदेश मे कहा गया है कि
पत्राचार शिक्षा संस्थान, उ०प्र०, प्रयागराज के अंतर्गत गोस्वामी तुलसीदास इण्टर कॉलेज पडरौना कुशीनगर को पत्राचार पंजीकरण केन्द्र संख्या-901 के रूप में मान्यता प्रदान की गई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक, कुशीनगर की जाँच आख्या दिनांक 13.01.2026 तथा सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उ०प्र० प्रयागराज के पत्र दिनांक 12.02.2026 में अल्लिखित तथ्यों के अनुसार सत्र 2025-26 में आपके केन्द्र द्वारा पंजीकृत 700 परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों में गंभीर अनियमितताएं की गई है, जिसमे निर्धारित समयावधि में स्वयंपाठियों द्वारा शुल्क जमा न किया जाना, आवेदन पत्रों में आवश्यक अभिलेखों का अभाव एवं भिन्नता, नियमानुसार सत्यापन न किया जाना, समयान्तर्गत 2024 में पंजीकरण आवेदन पत्र इस कार्यालय को प्रेषित न करना, आवेदन पत्रों पर प्रधानाचार्य के स्थान पर प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक द्वारा हस्ताक्षर किया जाना, आप द्वारा अपने उत्तरदायित्वों के निर्वहन में शिथिलता एवं उदासीनता बरतना, प्रत्येक छात्र का चालान पृथक-पृथक न जमा करके एक साथ चालान जमा किया जाना आदि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशक (माध्यमिक/ सभापति) द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पत्राचार पंजीकरण केन्द्र संख्या-901 गोस्वामी तुलसीदास इण्टर कॉलेज पडरौना कुशीनगर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाय। परिणाम स्वरूप गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज को पत्राचार पंजीकरण केन्द्र की सूची से निरस्त किया जाता है तथा निर्देशित किया जाता है कि भविष्य में पत्राचार पंजीकरण संबंधित तथा परीक्षा आवेदन संबंधी कोई भी कार्य सम्पादित न करें।




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