🔴 संजय चाणक्य
कुशीनगर । तथागत बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली बुद्धनगरी में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों की सुविधा को बेहतर करने के लिए सूबे के वजीरेआला जहां निरंतर प्रयासरत है वही स्थानीय स्तर पर चमडी बेचकर दमडी कमाने वाले होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों का अनैतिक देह व्यापार का धंधा बदस्तूर जारी है। क्योंकि यहां देहव्यापार के धंधे के सिंडिकेट को यही के कुछ तथाकथित पत्रकार व पुलिस विभाग के जिम्मेदार उनको पोषण और संरक्षण दे रहे है। यही वजह है कि बुद्धनगरी मे होटल व रेस्टोरेंट की आड मे देह व्यापार का धंधा करने वाले कारोबारियों का हौसला बुलंद है और वह अपने इस अनैतिक धंधा को ताल ठोकर संचालित कर रहे है।
इस संबंध में चर्चा करने पर स्थानीय लोग यही कहते हैं कि शहर के हाइवे के किनारे हिरनहापुर से गोपालगढ के बीच जितने भी रेस्टोरेंट व होटलो मे देह व्यापार का धंधा चल रहा है लगभग उन सभी कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त होता है। इसके एवज में पुलिस को महीने के हिसाब से पैसा दिया जाता है। जब कभी ऊपर से दबाव पड़ता है, तब पुलिस छोटे स्तर पर जिस्मफरोशी का धंधा करने वालों को पकड़ कर वाहवाही लूट लेती है। जबकि बड़े स्तर पर चलने वाले हाई प्रोफाइल जिस्म के धंधेबाजों को पुलिस छूती तक नहीं है। स्थानीय लोगो ने यह भी कहा जब उच्चाधिकारियों द्वारा इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाब बनाया जाता है तो पुलिस छापेमारी कर छोटे कारोबारियों को दबोचती है फिर कुछ तथाकथित पत्रकार उन कारोबारियों को छुड़वाने के लिए पुलिस से मैनेज कराते है। हालांकि शहर में चल रहे जिस्मफरोशी के संबंध में पुलिस का कहना है कि देह व्यापार के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी करती है।
🔴 कोई मजबूरी में तो कोई मौज के लिए
हाइवे के किनारे हिरनहापुर से गोपालगढ के बीच रेस्टोरेंट व होटलों मे चल रहे देह व्यापार के अनैतिक कारोबार मे 16 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक की महिलाएं शामिल हैं। कुछ महिलाओं की विवशता है तो कुछ युवतियां ऐसी भी हैं, जो केवल अपनी शानो-शौकत और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये इस धंधे में है। एक कालेज की युवती केवल इसलिए इस धंधे में आयी है क्योंकि उसकी सहेली खुले हाथों से धन खर्च किया करती थी। अपनी सहेली की तरह शानो-शौकत से जीने के लिए उसने भी जिस्मफरोशी का धंधा अपना लिया।


