जनसूचना अधिकार कानून के तहत दस अधिकारियों पर लगा अर्थ दण्ड

🔵 राज्य सूचना आयुक्त बोले-सूचना प्रदान करने की 30 दिनों की अवधि है लक्ष्मण रेखा

🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 

कुशीनगर ।राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चन्द्र सिंह शनिवार को कुशीनगर मे थे। वह कलेक्ट्रेट सभागार में जन सूचना के अधिकार कानून के तहत प्रकरणों की सुनवाई करते हुए विभिन्न विभागों के जहां दस अधिकारियों पर अर्थदण्ड लगाया वही आये कुल 156 मामलों मे से मौके पर  100 मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान आयुक्त ने जन सूचना अधिकार कानून के तहत निर्धारित समय के भीतर सूचना देने का निर्देश दिया। 

जन सूचना अधिकार कानून से संबंधित मामलों की सुनवाई करने के बाद उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना देने में अनावश्यक विलंब न करे। उन्होंने निर्धारित तय अवधि 30 दिनों के अंदर सूचना प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने व जन सूचना अधिकार कानून के तहत निर्धारित तीस दिनों की अवधि को उन्होनें लक्ष्मण रेखा बताते हुए कहा कि ससमय सूचना प्रदान करना कानून का प्राविधान है इस लिए इसमे किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप में सादे कागज पर प्रारूप के तहत दिए गए आवेदन स्वीकार्य होने चाहिए। जो सूचनाएं नहीं दी जा सकती उन सूचनाओं को इनकार करने की भी वजह सहित सूचना दें, क्योंकि सूचना से इनकार करना भी एक सूचना है। आयुक्त ने  जन सूचना अधिकार  कानून के संबधित अधिकारियों के मन उठ रहे सवाल व जिज्ञासाओं को शांत किया तथा इस क्रम में उन्‍होंने सूचना अधिकार के विधिक पहलुओं से अधिकारियों को अवगत कराया।

🔴अधिकारियों को रखनी चाहिए आरटीआई की मूलभूत जानकारी 

राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि वादी द्वारा मांगी गई सूचना देने में अधिकारी वही भाव रखें जो यदि खुद के द्वारा इस अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना की प्राप्ति की अपेक्षा में रखते है। उन्होंने आरटीआई का उद्देश्य बताते कहा कि  सद्भावनापूर्वक सूचना दी जानी चाहिए। उन्होनें कहा अधिकारियों को सूचना के अधिकार अधिनियम की मूलभूत जानकारी रखने का निर्देश देते हुए कहा कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के संदर्भ में लोकहित को प्राथमिकता दे तथा सूचनाओं को प्रदान करने में अनावश्यक विलंब न करे। उन्होंने सूचना के अधिकार कानून के तहत मांगी गई सूचना के संदर्भ में पूरी जानकारी मसलन सूचना कब प्राप्त हुई, सूचना का विषय, सूचना की स्थिति आदि के संदर्भ में पूरी जानकारी एक पंजिका में अंकित की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आयुक्त ने शेष बचे 56 मामलो के निस्तारण के लिए  अगली तारीख दी गयी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी देवीदयाल वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेश पटारिया, समस्त उपजिलाधिकारी गण व जनपद स्तरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।


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