माँ की डाट से नराज होकर किशोरी पैदल ही दिल्ली के लिए निकल पड

🔴तय की तीस किलोमीटर की पैदल यात्रा 

🔴 सूचना पर मौके पर पहुची पुलिस ने किशोरी को समझा बुझाकर परिजनों को किया सुपुर्द 

🔴 संजय चाणक्य 

कुशीनगर। उसे जन्म देने वाली माँ की फटकार इतनी नागवार लगी कि मारे गुस्से मे वह घर से पैदल ही दिल्ली जाने के लिए निकल पडी। दिनभर रेल पटरी पकड़ कर चलने के बाद कप्तानगंज - थावे रुट पर तकरीबन तीस किलोमीटर की दूरी तय कर कठकुइयां रेलवे स्टेशन जा पहुंची। रेलवे पटरी पर थक हारकर बैठी अकेली किशोरी को देख लोगो ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस  ने किशोरी को समझा बुझाकर उसके परिजनों को सुपुर्द किया। मामला जनपद के रामकोला क्षेत्र का है। 

जिले की कुबेरस्थान इलाके में शनिवार की देर शाम एक अनजान किशोरी को कटकुईया रेलवे पटरी के किनारे बैठा देख लोगो की सूचना पर पहुँची पुलिस ने जब किशोरी से पूछताछ किया तो पता चला कि, किशोरी अपने घर से नाराज होकर पैदल की दिल्ली के लिए निकल पडी हैं।  पूरा दिन भूखे प्यासे तीस किलोमीटर की पदयात्रा करने के बाद थक-हार कर वह रेलवे पटरी के किनारे बैठी थी। पुलिस के अनुसार रामकोला थानाक्षेत्र के सपहा गडूलहा गाँव के निवासी सबूल अंसारी की 15 वर्षीय बेटी मरियम को किसी बात पर उसकी माँ ने फटकार लगा दी थी।  माँ की डांट मरियम को इतनी नागवार लगी कि वह मुहं फुलाकर दिल्ली अपने भाई के पास जाने के लिए निकल पडी। किशोरी का भाई दिल्ली में रोजी रोटी कमाने गया हुआ है। बताया जाता है कि किशोरी जब रामकोला स्टेशन पहुँची तो उसको कुछ समझ मे नही आया की क्या करे ।  वह बिहार की ओर जा रही रेलवे लाईन को दिल्ली की तरफ का रास्ता समझ पैदल ही रेलवे ट्रैक पर चलने लगी। लगभग आठ घण्टे तक  चलने के बाद तकरीबन तीस किमी दूर पहुँच गयी। रेलवे ट्रैक के पथरील रास्तो से चलते हुए वह इतना थक गयी थी कठकुइयां रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे बैठ गयी। इस दरम्यान आने-जाने वाले लोगों की नजर अकेली लड़की पर पडी तो किसी ने पुलिस को सूचना दे दिया। सूचना पाकर कुबेरस्थान पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और किशोरी  को समझा-बुझाकर थाने लेकर लायी। यहां भूखे-प्यासे किशोरी को पुलिस ने पहले खाना खिलाया फिर उसके परिजनों को जानकारी दी।  किशोरी की माँ कुबेरस्थान थाने पहुँची और मरियम को लेकर घर वापस आयी।

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