आरोपी ने महिला के सहारे चौकी इंचार्ज के खिलाफ रचा षडयंत्र

🔴 विवेचना प्रभावित करने के लिए आरोपी ने चौकी इंचार्ज को बनाया हैनी ट्रैप के शिकार

🔴 संजय चाणक्य 

कुशीनगर । जनपद के फाजिलनगर पुलिस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज आलोक यादव का किसी महिला के साथ बात करते हुए आडियो - वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग के विभाग-ए-शहंशाह ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है। लेकिन इसके दुसरे पहलू की सच्चाई कुछ और सामने आ रही है। दुसरे पहलू पर नजर दौराये तो एक मुकदमे की विवेचना को प्रभावित करने की गरज से मुकदमे मे नामजद शातिर द्वारा एक महिला के सहारे चौकी इंचार्ज को फसाने का षड्यंत्र  रचा गया है।

बुधवार शाम को इंटरनेट मीडिया पर चौकी इंचार्ज के खिलाफ वायरल आडियो मे जहा महिला द्वारा बाचचीत के दौरान एसआई आलोक यादव उससे वीडियो काल पर चेहरा दिखाने की बात कह रहे है और बार बार वीडियो काल करने के लिए जोर दे रहे है वही वीडियो मे महिला अंग प्रर्दशन करती हुई दिखाई दे रही है। हलाकि इस दौरान चौकी इंचार्ज महिला से चेहरा दिखाने के लिए बोल रहे है लेकिन महिला उनकी एक नही सुन रही और कपडे उतारने की बात कह रही है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को संज्ञान मे लेते हुए पुलिस अधीक्षक धवल ने जायसवाल चौकी इंचार्ज आलोक यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। 

🔴 क्यो रचा षडयंत्र

काबिलेगोर है कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के पकडी गोसाईं मठिया टोला निवासी अनिल प्रसाद पुत्र विक्रमा प्रसाद द्वारा पटहेरवा थाने मे दिये गये तहरीर मे कहा है कि 18 अप्रैल को उसकी बेटी निक्की के पेट मे बहुत तेज दर्द होने के बाद फाजिलनगर समउर रोड स्थित राज हास्पिटल मे गया जहां डाक्टर सिराज अहमद ने जांच कर कहा कि आपकी लडकी के पेट मे बच्चा है और अबार्शन कराने के लिए दबाव बनाने लगे। अनिल ने अपने तहरीर मे यह भी कहा है कि डाक्टर ने डराकर दस हजार रुपये जमा करा लिया। इसके बाद दो दिन बच्ची को अपने हास्पिटल मे रखा। इस दौरान बिटिया की तबीयत जब बिगड गयी तो डाक्टर सिराज ने 22 अप्रैल की रात करीब बारह बजे अपने स्टाफ के साथ बच्ची को गोरखपुर स्थित शिवाय मल्टी हास्पिटल भेज दिया जहां चिकित्सकों ने जांचकर बताया कि बच्ची की आंत और गर्भाशय फट गयी है इस नाजूक हालत मे आप्रेशन नही हो सकता है   यहा के डाक्टरो ने बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया लेकिन सिराज अहमद के स्टाफ ने किसी तरह से बच्ची को भर्ती कराकर आप्रेशन कराया। पीड़ित अनिल ने आगे कहा कि आप्रेशन के चार घंटे बाद बच्ची की मौत हो गयी और वह बच्ची को लेकर सीधे फाजिलनगर स्थित राज हास्पिटल पहुचा। यहा हास्पिटल के स्टाफ घमकी देने लगे तभी उनके साथ के एक व्यक्ति ने डायल 112 पर फोन कर दिया और जब पुलिस पहुची तो हास्पिटल के सभी स्टाफ अस्पताल छोडकर फरार हो गये। तहरीर के आधार पर पटहेरवा पुलिस ने डा0 सिराज अहमद के खिलाफ धारा 314 व 506 के तहत मुकदमा दर्जकर विवेचना चौकी इंचार्ज आलोक यादव को सौप दिया।  चौकी इंचार्ज आलोक यादव की माने तो इस मुकदमे मे एफआर लगाने के लिए डा0 सिराज ने उनके ऊपर पहले राजनैतिक दबाब बनाया फिर पैसा का लोभ दिया इसके बाद भी उन्होने एफआर लगाने से इंकार कर दिया तो पेशेवर महिला का सहारा लेकर उनको फंसाने का षडयंत्र रचा। 

🔴 और शुरु हुई साजिश का खेल

हैनी ट्रैप के शिकार हुए चौकी इंचार्ज आलोक यादव के मामले मे दुसरे पहलू पर वायरल हुए आडियो को सुने तो यह स्पष्ट हो जा रहा कि कुछ लोग एक पेशेवर महिला के सहारे चौकी इंचार्ज के खिलाफ षडयंत्र रच रहे है। वायरल आडियो मे व्यक्ति एक महिला से बात करते हुए पूछता है क्या हुआ, फिर दुसरे व्यक्ति से बात करवाता है तो उधर से महिला बोलती है कि अरे रिकार्ड नाही भइल ह, अब दुसरा एप लोड कर लिए है आडियो - वीडियो अलग-अलग रिकार्ड होगा। इसी तरह दुसरे आडियो मे वह व्यक्ति उस महिला से कहता है कि किसी तरह से अश्लील बात करो, महिला कहती है कि हा आज रात मे बात करेगी तभी एक व्यक्ति कहता है कि अश्लील बात करो वह खुल जायेगा तो खुद बात करेगा। तीसरे आडियो मे वह व्यक्ति उस महिला से बोलता है कि हमको बहुत परेशान कर रहा है बस एक बार वह फस जाये। चौथे आडियो मे पेशेवर महिला बोल रही है कि रिकार्डिंग सुने है उधर से वह व्यक्ति कहता है ठीक बा, बढिया बा। महिला पूछती है कि अब आगे क्या किया जाये तो वह व्यक्ति बोलता है कि एक बार अश्लील बात करके काट दो उसके बाद वह खुद बात करेगा। सूत्र बताते है पेशेवर महिला से बात करने वाला व्यक्ति मुकदमे मे आरोपी डा0 सिराज अहमद व उनका साथी है। हलाकि युगान्धर टाइम्स इस बात का दावा नही कर रहा है यह जांच का विषय है।

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