फर्जीवाड़ा : गलत ढंग से नौकरी हथियाने वाले पप्पू एक साल मे चपरासी से बन गया सहायक सचिव

🔴 आर्दश सेवा विनियमावली- 1999 के  विपरीत हुई है पप्पू सिंह की नियुक्ति

🔴 आरटीआई से हुआ खुलासा, समाजिक कार्यकर्ता प्रदीप ने की शासन मे शिकायत

🔴 संजय चाणक्य 
कुशीनगर । सूबे की योगी सरकार जहा फर्जी नौकरी करने वाले नटवरलालो के खिलाफ नकेल कस रही है  वही किसान सेवा सहकारी समिति राजमथौली  मे वर्ष 2010 मे चपरासी पद पर नियुक्त हुए पप्पू सिंह नामक व्यक्ति की नियुक्ति गाइडलाइंस के विपरीत फर्जी होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नही किए जाने के कारण जिम्मेदारो की कार्यप्रणाली पर सवाल खडा कर दिया है। आरटीआई के जरिए हुए इस खुलासे मे यह भी उजागर हुआ है कि पप्पू सिंह को गलत ढंग से  नियुक्ति के एक वर्ष बाद ही चपरासी से सहायक सचिव के पद पर पदोन्नति कर दिया गया है। ऐसे मे सवाल यह उठता है कि योगी सरकार मे गलत ढंग से नौकरी हथियाने वाले पप्पू सिंह को आखिरकार किसका वरदहस्त प्राप्त है जो अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है। आरटीआई से हुए खुलासे मे यह उजागर हुआ है कि पप्पू सिंह के नाम का जब प्रस्ताव हुआ, उस समय समिति के अध्यक्ष के पद पर उनके सगे बहनोई आसीन थे।
काबिलेगोर है कि जनपद के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के राजमथौली स्थिति किसान सेवा सहकारी समिति मे चपरासी पद पर पप्पू सिंह की नियुक्ति का प्रस्ताव 4 अप्रैल वर्ष 2010 मे प्रबंध मंडल समिति द्वारा किया गया था, उस समय समिति के अध्यक्ष काशीनाथ राय थे जो पप्पू सिंह के सगे बहनोई है। समाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार सिंह द्वारा जन सूचना से प्राप्त पैक्स कर्मचारियों की आर्दश सेवा विनियमावली 1999 के अनुसार किसी भी ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति नही की जा सकती है जो समिति के संचालक मंडल के सदस्य अथवा सचिव का सगे-संबंधी  रिश्तेदार हो।
🔴 आयुक्त एंव निबंधक को भेजी गयी  शिकायत
आरटीआई के जरिए मामले को सार्वजनिक करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार सिंह ने सहकारिता विभाग के आयुक्त एंव निबंधक उ0प्र0 शासन को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होने शिकायती पत्र मे लिखा है कि पप्पू सिंह के नियुक्ति का प्रस्ताव 5 अप्रैल-2010 को प्रबंध मंडल समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसका अनुमोदन सहकारिता विभाग ने 15 सितंबर-2010 को किया। प्रदीप ने अपने शिकायत पत्र मे यह भी कहा है कि जिस समय पप्पू सिंह की नियुक्ति का प्रस्ताव प्रबंध मण्डल समिति ने किया था उस समय प्रबंध मण्डल समिति के अध्यक्ष काशीनाथ राय थे जो पप्पू सिंह के सगे बहनोई है। शिकायतकर्ता व समाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार सिंह ने तत्कालीन प्रबंध मण्डल समिति के अध्यक्ष काशीनाथ राय व पप्पू सिंह के सगे आपसी रिश्ते से संबंधित पात्र गृहस्थी कार्ड, मतदाता सूची सहित तमाम दस्तावेज के साथ आरटीआई के जरिए विभाग से प्राप्त अभिलेखों को भी अपने शिकायती पत्र के साथ संलग्न किया है। इन्होने जिले स्तर  पर उच्चाधिकारियों से लगायत उ0प्र0 शासन के सहकारिता विभाग के आयुक्त एंव निबंधक को तमाम साक्ष्यो के साथ शिकायती पत्र देकर गलत तरीके से नौकरी हथियाने वाले पप्पू सिंह की नियुक्ति निरस्त करने, वर्ष 2010 से वेतन के रूप मे प्राप्त धनराशि वसूलने तथा पप्पू सिंह की गलत तरीके से की गयी नियुक्ति मे संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। 
🔴 अब तक क्यो नही हुई कार्रवाई
कहना न होगा कि पप्पू सिंह की नियुक्ति न सिर्फ आर्दश सेवा विनियमावली- 1999 की धज्जियां उडाते हुए की गयी बल्कि नियुक्ति के एक वर्ष बाद ही गलत ढंग से उन्हे चपरासी से सहायक सचिव पद पर पदोन्नति कर दिया गया जिसमे विभाग की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सवाल यह उठता है कि योगी सरकार मे जहां फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वालो के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गयी वही पप्पू सिंह के खिलाफ  कोई अब तक कोई कार्रवाई नही किया जाना अपने आप मे  एक सवाल  है? जो योगी सरकार और उनके सरकारी मशीनरी के कार्यप्रणाली कटघरे मे खडा करती है।

Comments

Popular posts from this blog

महिला के साथ अश्लील हरकत करते हुए ग्राम प्रधान के पिता का वीडियो वायरल

नगर पालिका परिषद कुशीनगर मे भ्रष्टाचार का बोलबाला, ईओ के विरुद्ध जांच का आदेश

डीआईओएस कार्यालय पर राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य पर जानलेवा हमला