.... और फोन पर डीएम का आवाज सुनकर कानूनगो के फूल गए हाथ-पाव
🔴 अवैध कब्जा हटवाने के नाम पर प्रभारी कानूनगो मार्कडेय मणि ने पीडित से मांगा था 25 हजार रुपये घूस
🔴 युगान्धर टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कुशीनगर । चकमार्ग से अतिक्रमण हटवाने के नाम पर घूस मांगने वाले कानूनगो की बुधवार को वॉट लग गयी। इतना ही नही मार्कडेय मणि नामक प्रभारी कानूनगो का उस समय हाथ-पाव फूल गया जब जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कानूनगो को फोन करके कहा " अवैध कब्जा दो दिन मे हट जाना चाहिए और इसके लिए जो तुमने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये मांगे है वह आकर मुझसे ले जाना।" डीएम की यह बात सुनकर हाड कपकपाने वाली इस ठण्ड मे कानूनगो पसीने से तर-बतर हो गया। उसके बाद क्या अपनी सफाई मे कुछ कहना तो दूर मानो कानूनगो का कंठ सूख गया हो। अपनी बात कहने के बाद डीएम ने फोन काट दिया लेकिन दूसरी तरफ कानूनगो मणि तुरंत हरकत में आ गया। उसने तुरंत टीम गठित कराकर 15 जनवरी को अवैध कब्जा हटवाने आदेश जारी करा दिया।
🔴 क्या है मामला
गौरतलब है कि बुधवार को सुबह डीएम एस राज लिंगम जनता दर्शन में बैठे थे। उनके पास तमकुही राज के गुरवलिया निवासी रामायन कुशवाहा पहुंचे और बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। तहसील प्रशासन यह जानता है लेकिन कब्जा नहीं हटा रहा है। आठ-दस बार कानूनगो से मिल चुका हूं। अब उन्होंने कहा है कि पांच लोगों की टीम जाएगी। सभी के लिए 25 हजार रुपये दे दो।
🔴 घूस लेते पकडवा दो , मदत करुगाजिलाधिकारी एसराज लिंगम ने पीडित रामायण की फरियाद सुनने के बाद कहा कि तुम घूस लेते समय उसे पकड़वा दो। मैं तुम्हारी मदद करूंगा। इस पर इस पर शिकायतकर्ता परेशान हो गया। बोला कि वह ऐसा नहीं कर पाएगा। इसके बाद डीएम ने खुद कानूनगो को फोन लगा दिया। उन्होंने पूछा कि कब्जा हटाने के नाम पर पैसे मांगते हो। फोन पर कानूनगो की आवाज ही नहीं निकल रही थी। डीएम ने आदेश दिया कि दो दिन में कब्जा हट जाना चाहिए। यदि पैसे चाहिए तो आकर मुझसे ले जाना। कानूनगो तो इसके बाद यस सर, यस सर ही बोलता रह गया। इसके कुछ ही घंटे बाद एसडीएम तमकुही राज कार्यालय से आदेश भी जारी हो गया, जिसमें बताया गया है कि रामायन कुशवाहा की शिकायत पर अवैध कब्जा हटाने के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कानूनगो और अन्य की छह सदस्यीय टीम गठित कर दी गयी है। यह टीम 15 जनवरी को मौके पर पहुंच कर अवैध कब्जा हटाएगी। इस संबंध में कानूनगो मार्कंडेय मणि का कहना है कि 30 दिसंबर तक कोरोना काल के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई स्थगित थी। अब 15 जनवरी को हर हाल में कब्जा हटा दिया जाएगा।



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