.... जरा याद करो कुर्बानी
🔴 संजय चाणक्य '' ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी !! जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी !!'' जश्न-ए-आजादी की 70 वी वर्षगाठ़ पर अपने प्राणों की आहुति देकर मां भारती को मुक्त कराकर इबादत लिखने वाले अमर शहीदों को सलाम! इन योद्वाओं को जन्म देने वाली जगत जननी मां को शत-शत प्रणाम! और उन लाखों हिन्दुस्तानियों को सलाम जिन्हे स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस से न कोई सरोकार है न कोई मतलब! खैरात में आजादी पाकर स्वार्थ और व्यक्तिवाद को अपनाकर राष्ट्रीय महापर्व को उल्लास के साथ मनाने एवं तिरंगा के नीचे खड़े होने की जिसके पास फुर्सत नही है,उन्हे भी सलाम! आज सोच रहा हॅू हिन्दवासियों आपसे कुछ कहुं। वर्षो से मेरे दिल में एक बात कौध रही। जब-जब स्वतंत्रता दिवस या गणतत्र दिवस का महापर्व सामने आता है दिल में दबी हुई टिस ज्वार बन जाती है, हर बार इस ज्वार को दबाने की कोशिश करता हॅु लेकिन क्या करे अब सहा नही जा रहा है। आज सोचता हॅू अपने दिल की भड़ास निकाल ही दू, आप पर असर पड़े या न पड़े कम से कम मेरा मन मस्तिष्क तो हल्का हो जायेगा। शायद ...