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Showing posts from August, 2019

एनएच-28 पर स्थित फरहान हास्पीटल का कारनामा.... जिन्दगी के नाम पर दी जा रही मौत

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मरीजों के जिन्दगी के साथ खुलेआम किया जा रहा है खिलवाड जिलाधिकारी का आदेश ठण्डे बस्ते मेए सीएमओ ने दिखाया ठेंगा युगान्धर टाइम्स न्यूज नेटवर्क कुशीनगर । केन्द्र की मोदी और सूबे की योगी सरकार आम लोगों को चिकित्सकीय सुबिधा मुहैया कराने के लिए जहा पुरी तरह कटिबद्ध व गम्भीर है वही जनपद के तमकहीराज स्थित ष्फरहान हास्पीटलष् मरीजों को मौत की नींद सुलाने का रिकार्ड बनाने मे जुटा है। आश्चर्यजनक  बात यह है कि लगातार इस हास्पीटल मे हो रही मौत के बावजूद विभाग.ए.शहंशाह ; सीएमओद्ध धृतराष्ट्र बने बैठे है। मजे की बात यह है कि एक पखवारे पूर्व किसान महाविद्यालय तमकुहीरोड छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामलें की गम्भीरता को देखते हुए सीएमओ को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था किन्तु अफसोस सीएमओ ने डीएम के आदेश को ठण्डे बस्ते मे डाल ठेगा दिया दिया। नतीजन फरहान हास्पीटल मे बेखौफ मरीजों के जिन्दगी से खेलने का सिलसिला जारी है।      बेशक! जनपद के तमकुहीराज एनएच.28 पर स्थित फरहान हास्पीटल मे गर्भवती महिलाओं की आपरेशन के दौरान लगातार हो रही मौत कोई सामा...

अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि ... राष्ट्रपति कोविेद,.पीएम मोदी सहित कई नेताओ ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली!   पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज पहली पुण्यतिथि है। आज से ठीक एक साल पहले 16 अगस्त को वो दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन उनकी मौजूदगी आज भी इस देश का जर्रा जर्रा महसूस कर रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव अटल स्मारक पहुंचे। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अटल जी की पुण्यतिथि पर सदैव अटल पर आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।भाजपा में उदार छवि के नेता समझे जाने वाले वाजपेयी सबसे पहले 1996 में प्रधानमंत्री बने। हालांकि उनकी सरकार महज 13 दिन तक चली। इसके बाद वह 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने लेकिन उनकी वह सरकार 13 महीनों तक ही चली। वर्ष1999 में राजग एक बार फिर सत्तासीन हुई और वाजपेयी फिर प्रधानमंत्री बने और उन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उन्हें 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। अविवाहित रहे वाजपेयी 1957 में पहली बार उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से लोकसभा के लिए चुने गए । संसद में उनके पहले भाषण से उनके साथियों और सहयोगियों के साथ-साथ प्रधानमंत्...

73 वा स्वतंत्रता दिवस पर मोदी ने लालकिले पर फहराया झडां

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पीएम मोदी का फोकस जल संकट जनसंख्या विस्फोट न्यू इंडिया के मिशन पर रहा लेकिन इस बीच उन्होंने बड़ा ऐलान किया और तीनों सेना के बीच तालमेल बैठाने लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का ऐलान किया। सेना के इतिहास में ये पद पहली बार बना है प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर कोई गर्व से कह सकता है कि एक देश एक संविधान हम सरदार पटेल के एक भारत श्रेष्ठ भारत के विचार को आगे ले जा रहे हैं । हमने एक देश एक टैक्स का सपना पूरा किया ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश एक ग्रिड को आगे बढ़ाया अब जरूरत है कि देश में एक साथ चुनाव की भी चर्चा होनी चाहिए।  युगान्धर टाइम्स न्यूज नेटवर्क दिल्ली। 73वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सुबह लालकिले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया प्रधानमंत्री  मोदी अपनी सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों की पृष्ठभूमि में आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से लगातार छठी बार देश को संबोधित कर रहे हैं। भारी जनादेश के साथ भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राजग की सत्ता में वापसी के बाद प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम ...

तो इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थीं सुषमा स्वराज

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नई दिल्ली, जेएनएन।  पूर्व विदेश मंत्री तथा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। मंगलवार को भी तबीयत बिगड़ने से कुछ ही देर पहले उन्होंने अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने पर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- 'प्रधानमंत्री जी, आपका हार्दिक अभिनंदन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।' वहीं, उन्होंने शाह के लिए लिखा- 'गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को उत्कृष्ट भाषण के लिए बधाई।' सुषमा स्वराज मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री थीं। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रही थीं। 16वीं लोकसभा में वह मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद चुनी गई थीं। इस बार उन्होंने खराब स्वास्थ्य की वजह से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। विदेश मंत्री रहते हुए वह सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनके निपटारे के लिए काफी लोकप्रिय थीं। वह दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। सुषमा स्वराज के नाम दर्ज हैं कई कीर्तिमान 14 ...

दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने वाले लेखक की आज ही के दिन हुई थी मृत्यु, जानें क्या है नाम

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नई दिल्ली [Yugandhar Times]।  क्या आप जानते हैं कि दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने वाले लेखक का क्या नाम था? नाम जानने के लिए शायद आपको अपने दिमाग पर जोर डालना पड़ेगा। आप दिमाग पर अधिक जोर न डालें, हम आपको ऐसे विरले लेखक का नाम बता रहे हैं। उनका नाम रवींद्रनाथ टैगोर है। टैगोर को लेखन के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार दिया गया था। आज ही के दिन यानि 7 अगस्त को उनकी मौत हुई थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग 2,230 गीतों की रचना की। रवींद्र संगीत बांग्ला संस्कृति का अभिन्न अंग है। टैगोर के संगीत को उनके साहित्य से अलग नहीं किया जा सकता। उनकी अधिकतर रचनाएं तो अब उनके गीतों में शामिल हो चुकी हैं। बचपन से ही लोगों को मिल गया था आभास रवींद्रनाथ टैगोर को जानने वाले बताते हैं कि उनको बचपन से ही कविता, छन्द और भाषा को समझने की अद्भुत प्रतिभा थी। उन्होंने पहली कविता आठ साल की उम्र में लिखी थी और सन् 1877 में केवल सोलह साल की उम्र में उनकी पहली लघुकथा भी प्रकाशित हो गई थी। उनके लेखन में गीतांजलि, पूरबी प्रवाहिनी, शिशु भोलानाथ, महुआ, वनवाणी, वीथिका शेषलेखा, चोखेरबाली, कणिका, नैवेद्य मायेर खेला...

दोपहर तीन बजे होगा अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली, एएनआइ। Sushma Swaraj Passes Away @67 Live Updates:  पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार की देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। सुषमा स्वराज के निधन से हर कोई दुखी है। पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी समेत देश-दुनिया के नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। Live Update: - केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सुषमा जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। देश के लोग उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखेंगे। जब भी कोई भारतीय मुसीबत में आया, तो दीदी ने खुद ही उसे संभाला। - मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सुषमा जी भारत माता की सच्ची बेटी थीं, उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता और लोगों की सेवा में लगा दिया। उन्होंने दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। वह कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने का इंतजार कर रही थी और उसके बाद वो हम सभी को छोड़ कर चली गईं। - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ट्वीट करते हुए कहा, 'सुषमा स्वराज जी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख हुआ। 1990 के दशक से ह...